menu-icon
India Daily

'अगर अमेरिकी ने होर्मुज में नाकाबंदी नहीं हटाई तो खाड़ी देशों के साथ...', ईरान ने ट्रंप को दी खुली चेतावनी

ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी नहीं हटाई तो वह पूरी तरह से फारस की खाड़ी, ओमान सागर और लाल सागर में व्यापार ठप कर देगा.  

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'अगर अमेरिकी ने होर्मुज में नाकाबंदी नहीं हटाई तो खाड़ी देशों के साथ...', ईरान ने ट्रंप को दी खुली चेतावनी
Courtesy: @pranjan21

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. ईरानी संयुक्त सैन्य कमान के कमांडर अली अब्दोल्लाही ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अगर अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों पर लगाई अपनी नौसैनिक नाकाबंदी नहीं हटाई, तो ईरान फारस की खाड़ी, ओमान सागर और लाल सागर में होने वाले सभी निर्यात-आयात को पूरी तरह से ठप कर देगा. ईरानी राज्य मीडिया ने यह चेतावनी प्रसारित की है. अब्दोल्लाही ने अमेरिकी नाकाबंदी को "संघर्ष विराम का उल्लंघन करने की शुरुआत" बताया है. उनका कहना है कि ईरान अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और हितों की रक्षा पूरी ताकत से करेगा.  

होर्मुज जलडमरूमध्य पहले से प्रभावित

बता दें कि एक महीने पहले जब इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमले शुरू किए थे, तब ईरान ने प्रभावी रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था. यह जलडमरूमध्य दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग एक-पांचवां हिस्सा संभालता है. सोमवार को अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर नाकाबंदी शुरू कर दी. हालांकि अमेरिका का कहना है कि वह फारस की खाड़ी में अन्य देशों के जहाजों की मुक्त आवाजाही में बाधा नहीं डालेगा. लेकिन ईरान की ताजा धमकी के बाद पूरे क्षेत्र में व्यापार ठप होने का खतरा पैदा हो गया है.  

संघर्ष विराम बचाने में जुटे मध्यस्थ

इन सबके बीच मध्यस्थ देश अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम बढ़ाने के लिए जी-तोड़ कोशिशें कर रहे हैं. मौजूदा दो सप्ताह का संघर्ष विराम 22 अप्रैल को समाप्त हो रहा है. मध्यस्थों का कहना है कि वे इस नाजुक युद्धविराम को बचाने के लिए बातचीत फिर से शुरू कराने में सफलता के करीब हैं. एक क्षेत्रीय अधिकारी के अनुसार, तीन मुख्य मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई है—ईरान का परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य का भविष्य और युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा. बिना इन मुद्दों के हल के, बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही थी.  

तीन देशों में तबाही, हज़ारों लोगों की मौत

इस युद्ध में अब तक ईरान में कम से कम तीन हज़ार, लेबनान में 2100 से अधिक, इजराइल में 23 और खाड़ी अरब देशों में एक दर्जन से अधिक लोग मारे जा चुके हैं. अमेरिका के भी 13 सैनिक इस संघर्ष में शहीद हुए हैं. विश्व नेता, जिनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस शामिल हैं, ने मंगलवार को उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में बातचीत फिर से शुरू हो सकती है. हालांकि ईरान की ताजा चेतावनी ने इन प्रयासों पर पानी फेर दिया है. क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका और ईरान ने सैद्धांतिक रूप से संघर्ष विराम बढ़ाने पर सहमति जता दी है, लेकिन जमीनी हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं.