Congress On PM Modi: कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और उनसे हिंसा प्रभावित मणिपुर का दौरा न करने को लेकर सवाल उठाया. इससे पहले मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए गए एक इंटरव्यू में कहा कि केंद्र की मदद से छह महीने में पूरी तरह से शांति बहाल करने का वादा किया. हालांकि उन्होंने पद छोड़ने से इंकार कर दिया.
प्रधानमंत्री के पूर्वोत्तर राज्य का दौरा न करने पर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि पीएम मोदी भले ही मणिपुर न आए हों लेकिन उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भेजा है. उन्होंने कहा कि पीएम ने मणिपुर के बारे में कई बार बात की है, यहां तक कि स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से भी और यहां सुरक्षा, फंडिंग आदि के मामले में जो कुछ भी किया जा रहा है, वह उनके नेतृत्व में ही किया जा रहा है. जटिल स्थिति में पीएम का आना जरूरी नहीं है.
इस पर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि मणिपुर के लोग चाहते हैं कि प्रधानमंत्री राज्य में आएं लेकिन प्रधानमंत्री नहीं गए हैं. यह एक असाधारण स्थिति है वह पूरी दुनिया में गए हैं लेकिन उन्हें कुछ घंटों के लिए भी मणिपुर जाने का समय नहीं मिला है. मुख्यमंत्री प्रधानमंत्री के बारे में जो कह रहे हैं वह अस्वीकार्य है उन्होंने जो किया है वह अक्षम्य है.
VIDEO | “I think the PM (Modi) must go to Manipur. That’s the most important requirement. He must begin the process of sending the healing touch, the process of reconciliation. It’s not enough to speak for a few minutes in Parliament or outside. He has to reassure all communities… pic.twitter.com/5woQeZEJER
— Press Trust of India (@PTI_News) August 30, 2024
जयराम रमेश ने कहा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री ने अपनी सारी विश्वसनीयता खो दी है. सुप्रीम कोर्ट ने वास्तव में इसे संवैधानिक तंत्र का टूटना कहा है. इसलिए मुझे नहीं पता कि मुख्यमंत्री किस दुनिया में रह रहे हैं? उन्होंने जातीय अल्पसंख्यकों के खिलाफ मुख्यमंत्री की कथित आपत्तिजनक टिप्पणी वाले एक वायरल ऑडियो क्लिप का जिक्र करते हुए उसकी जांच की मांग की. राज्य सरकार ने क्लिप को फर्जी बताया है.
कांग्रेस नेता ने कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि मुख्यमंत्री किस आधार पर सामान्य स्थिति का दावा कर रहे हैं. यह जमीनी हकीकत से बिल्कुल उलट है. विधानसभा चुनाव में भारी बहुमत मिलने के पंद्रह महीने बाद राज्य जलने लगा और इसे उड़ाने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि यह कोई संयोग नहीं है कि जो हुआ है. सच्चाई यह है कि प्रधानमंत्री यूक्रेन गए, प्रधानमंत्री रूस गए, पोलैंड गए, पूरे देश में गए, दुनिया के दूसरे देशों में गए, लेकिन उन्हें मणिपुर में कुछ घंटों के लिए भी जाने का न तो समय मिला और न ही इच्छा. नॉन बायोलॉजिकल पीएम पूरी दुनिया में घूमकर शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वह मणिपुर जाकर शांति स्थापित नहीं कर सकते.