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कौन थीं कश्मीरी पंडित सरला भट्ट? 35 साल पहले किडनैप करने के बाद आतंकियों ने कई दिनों तक किया गैंगरेप फिर की निर्मम हत्या

श्रीनगर में मंगलवार, 12 अगस्त 2025 को जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने 35 साल पुराने एक सनसनीखेज मामले में बड़ी कार्रवाई की. यह मामला 27 वर्षीय कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट की निर्मम हत्या से जुड़ा है, जिसने 1990 में पूरे कश्मीर को झकझोर दिया था.

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Edited By: Antima Pal
कौन थीं कश्मीरी पंडित सरला भट्ट? 35 साल पहले किडनैप करने के बाद आतंकियों ने कई दिनों तक किया गैंगरेप फिर की निर्मम हत्या
Courtesy: social media

Who was Kashmiri Pandit Sarla Bhatt: श्रीनगर में मंगलवार, 12 अगस्त 2025 को जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने 35 साल पुराने एक सनसनीखेज मामले में बड़ी कार्रवाई की. यह मामला 27 वर्षीय कश्मीरी पंडित नर्स सरला भट्ट की निर्मम हत्या से जुड़ा है, जिसने 1990 में पूरे कश्मीर को झकझोर दिया था. SIA ने श्रीनगर में नौ ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के पूर्व कमांडरों के घर शामिल थे, जैसे कि यासिन मलिक का निवास.

कौन थीं सरला भट्ट?

सरला भट्ट अनंतनाग जिले की रहने वाली थीं और श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में नर्स थीं. 1990 में जब कश्मीर घाटी में आतंकवाद चरम पर था, तब आतंकियों ने कश्मीरी पंडितों को घाटी छोड़ने का फरमान जारी किया था. कई लोग डर के मारे चले गए, लेकिन सरला ने अपनी ड्यूटी और घर छोड़ने से इनकार कर दिया. उनकी इस हिम्मत ने उन्हें आतंकियों का निशाना बना दिया.

क्या हुआ था 1990 में?

18 अप्रैल 1990 को JKLF के आतंकियों ने सरला को SKIMS के हब्बा खातून हॉस्टल से किडनैप कर लिया. अगले दिन उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई और उनका शव श्रीनगर के उमर कॉलोनी, मल्लाबाग में फेंक दिया गया. शव के पास एक नोट मिला, जिसमें उन्हें पुलिस का मुखबिर बताया गया था, जो गलत था. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनकी हत्या से पहले कई दिनों तक उनके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और यातनाएं दी गईं. उनकी मौत के बाद उनके परिवार को भी धमकियां मिलीं, जिसके कारण अंतिम संस्कार डर के साये में हुआ.

SIA की ताजा कार्रवाई

उस समय निगीन पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 56/1990 दर्ज की गई, लेकिन डर और गवाहों की कमी के कारण जांच आगे नहीं बढ़ सकी. पिछले साल उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के निर्देश पर इस मामले को SIA को सौंपा गया. मंगलवार को हुई छापेमारी में कई अहम सबूत मिले हैं, जो इस हत्याकांड के दोषियों को पकड़ने में मदद कर सकते हैं.