भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है. इसी दिशा में यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना यानी UNICORN परियोजना दोनों देशों के रिश्तों में ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है. यह पहली बार होगा जब भारत और जापान किसी उन्नत रक्षा तकनीक का संयुक्त रूप से विकास और निर्माण करेंगे. इस तकनीक का इस्तेमाल भारतीय नौसेना के भविष्य के युद्धपोतों में किया जाएगा, जिससे उनकी संचार क्षमता, सुरक्षा और स्टील्थ यानी दुश्मन की नजर से बचने की क्षमता पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी.
UNICORN यानी यूनिफाइड कॉम्प्लेक्स रेडियो एंटीना एक अत्याधुनिक एकीकृत संचार प्रणाली है, जिसे युद्धपोतों के ऊपरी हिस्से पर लगाया जाता है. सामान्य तौर पर नौसैनिक जहाजों में अलग-अलग एंटीना बाहर दिखाई देते हैं, लेकिन इस तकनीक में सभी संचार उपकरण एक ही संरक्षित ढांचे के भीतर लगाए जाते हैं. इससे जहाज का बाहरी स्वरूप अधिक सुव्यवस्थित रहता है और उसकी रडार पहचान काफी कम हो जाती है. जापान पहले से इस तकनीक का उपयोग अपने आधुनिक मोगामी श्रेणी के युद्धपोतों में कर रहा है, जहां इसे सफल और भरोसेमंद प्रणाली माना जाता है.
#WATCH | Delhi: During press statement with Japanese PM Sanae Takaichi, Prime Minister Narendra Modi says, "Prime Minister Takaichi and I believe that a technology partnership will become the strongest pillar of our cooperation. To realise this vision, we have also issued a joint… pic.twitter.com/Nc8rKIDamY
— ANI (@ANI) July 2, 2026
आधुनिक समुद्री युद्ध में केवल हथियारों की ताकत ही नहीं, बल्कि दुश्मन की नजर से बचना भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है. UNICORN प्रणाली भारतीय युद्धपोतों की रडार पहचान कम करेगी, जिससे उन्हें ट्रैक करना कठिन होगा. इसके अलावा कई संचार और डेटा लिंक सिस्टम एक ही प्लेटफॉर्म पर काम करेंगे, जिससे इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप कम होगा और संचार अधिक प्रभावी बनेगा. खुले एंटीना कम होने से रखरखाव आसान होगा और युद्ध जैसी परिस्थितियों में जहाज की संचालन क्षमता तथा सुरक्षा दोनों में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा.
इस परियोजना की नींव नवंबर 2024 में टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में हस्ताक्षरित कार्यान्वयन समझौते से रखी गई थी. इसके तहत भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) जापानी साझेदारों के साथ मिलकर इस तकनीक का संयुक्त विकास और उत्पादन करेगी. यह मॉडल पारंपरिक खरीद-बिक्री व्यवस्था से अलग है, क्योंकि इसमें दोनों देश मिलकर उन्नत रक्षा तकनीक विकसित करेंगे. इससे भारत को आधुनिक तकनीकी विशेषज्ञता मिलने के साथ भविष्य में स्वदेशी रक्षा उत्पादन को भी नई गति मिलने की उम्मीद है.
UNICORN परियोजना भारत-जापान रक्षा संबंधों में एक बड़ा बदलाव मानी जा रही है. यह दोनों देशों की पहली रक्षा सह-विकास और सह-उत्पादन परियोजना है. साथ ही, 2015 के रक्षा उपकरण एवं प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते के बाद जापान द्वारा भारत को उन्नत रक्षा तकनीक उपलब्ध कराने की दिशा में यह सबसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. हाल ही में आयोजित भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, आर्थिक सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, समुद्री सुरक्षा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई. विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी.