नई दिल्ली: तमिलगा वेट्री कझगम (TVK) के प्रमुख और मशहूर अभिनेता विजय से करूर भगदड़ मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने दिल्ली में लंबी पूछताछ की. करीब छह घंटे तक चली पूछताछ में विजय ने साफ कहा कि न तो उनकी पार्टी और न ही पार्टी के किसी पदाधिकारी की वजह से यह हादसा हुआ. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अव्यवस्था की आशंका को देखते हुए उन्होंने कार्यक्रम स्थल छोड़ने का फैसला किया था.
सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान विजय ने जांच अधिकारियों को बताया कि कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी से भीड़ और ज्यादा बेकाबू हो सकती थी, इसलिए उन्होंने वहां से निकलना बेहतर समझा. विजय ने किसी भी स्तर पर लापरवाही या जानबूझकर की गई चूक से इनकार किया. जांच एजेंसी ने उनके बयान को औपचारिक रूप से दर्ज किया है, जिसे अन्य बयानों के साथ मिलाकर परखा जाएगा.
सीबीआई पहले ही टीवीके के कई पदाधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है. सूत्रों के अनुसार सभी पदाधिकारियों ने भी यही कहा है कि भगदड़ के लिए पार्टी जिम्मेदार नहीं थी. अब एजेंसी इन बयानों की तुलना पुलिस अधिकारियों के दावों से करेगी, जिन्होंने पहले कहा था कि विजय के देर से निकलने से स्थिति बिगड़ी.
विजय सोमवार सुबह करीब 10.30 बजे चार्टर्ड फ्लाइट से दिल्ली पहुंचे और सीधे भारी सुरक्षा के बीच सीबीआई मुख्यालय गए. संभावित भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों की कई टुकड़ियां तैनात की गई थीं. इसके बावजूद कुछ प्रशंसक कार्यालय के पास जमा हो गए. विजय के साथ टीवीके नेता आधव अर्जुन और निर्मल कुमार भी मौजूद थे.
सूत्रों ने बताया कि विजय को मंगलवार को दोबारा नहीं बुलाया गया, लेकिन पोंगल के बाद फिर समन भेजा जा सकता है. यह मामला पहले विशेष जांच दल के पास था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक बयानबाजी और निष्पक्षता को लेकर चिंता जताते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी. अदालत ने पूर्व न्यायाधीश अजय रस्तोगी की अध्यक्षता में निगरानी समिति भी बनाई है.
27 सितंबर 2025 को करूर में विजय की चुनावी रैली के दौरान भगदड़ मचने से 41 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 60 लोग घायल हुए थे. अनुमति 10 हजार लोगों की थी, लेकिन करीब 50 हजार की भीड़ जुट गई. बाद में पुलिस ने टीवीके के कई नेताओं पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया. विजय ने पीड़ित परिवारों को मुआवजे की घोषणा की थी.