menu-icon
India Daily

ईरान-अमेरिका जंग के बीच CCS की मीटिंग करने जा रहे पीएम मोदी, आखिर किस तैयारी में जुटा भारत?

भारतीय सरकार के सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी शनिवार की रात 9.30 बजे दिल्ली लौटेंगे. वह सुरक्षा पर CCS-कैबिनेट कमेटी की अध्यक्षता करेंगे.

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
ईरान-अमेरिका जंग के बीच CCS की मीटिंग करने जा रहे पीएम मोदी, आखिर किस तैयारी में जुटा भारत?
Courtesy: X

ईरान पर अमेरिका-इजराइली हमलों से मिडिल ईस्ट में संघर्ष शुरू हो गया है. इस संघर्ष के बीच कई भारतीय लोग फंसे हुए है. भारतीय सरकार के सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी शनिवार की रात 9.30 बजे दिल्ली लौटेंगे. वह सुरक्षा पर CCS-कैबिनेट कमेटी की अध्यक्षता करेंगे.

क्या है CCS?

यह भारत सरकार की वह सर्वोच्च समिति है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा, सैन्य मामलों और अहम विदेश नीति से जुड़े अंतिम और सबसे बड़े फैसले लेती है. इस समिति की अध्यक्षता स्वयं प्रधानमंत्री करते हैं. इसमें कैबिनेट के चार सबसे प्रमुख मंत्री शामिल होते हैं, जिसमें रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री और वित्त मंत्री शामिल है.

आज रात होने वाली CCS की बैठक के प्रमुख एजेंडे:

भारतियों की सुरक्षा: मिडिल ईस्ट में लगभग 96 लाख भारतीय काम करते हैं और रहते हैं, जिनमें से करीब 10,000 नागरिक सिर्फ ईरान में रहते हैं. फिलहाल हवाई क्षेत्र बंद होने और हालात खतरनाक होने के कारण बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत संभव नहीं है, लेकिन भारतीय दूतावासों ने एडवायजरी जारी कर दी है. सरकार नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर संभव रणनीति पर विचार करेगी.

अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा: इस क्षेत्र में अस्थिरता का सीधा मतलब है कच्चे तेल  की सप्लाई पर खतरा. ग्लोबल मार्केट में तेल के दाम बढ़ने से भारत में महंगाई पर पड़ने वाले असर को रोकने के लिए आर्थिक उपायों पर चर्चा होगी.

भारत का रुख: भारत के लिए यह एक मुश्किल कूटनीतिक संतुलन का समय है. भारत के इजरायल और ईरान दोनों के साथ गहरे रणनीतिक संबंध हैं. इस बैठक में तय किया जाएगा कि भारत वैश्विक मंच पर तनाव कम करने और कूटनीतिक शांति बहाल करने के लिए क्या भूमिका निभाएगा.

पीएम मोदी का इजराइल दौरा

पीएम मोदी 25-26 फरवरी को इजराइल गए थे, यह दौरा काफी डिप्लोमैटिक गर्मजोशी वाला रहा. इजराइली पार्लियामेंट नेसेट को संबोधित करते हुए, किसी भी भारतीय नेता के लिए पहली बार, मोदी को यह कहने के बाद स्टैंडिंग ओवेशन मिला कि “भारत इस समय और आगे भी, पूरे भरोसे के साथ इज़राइल के साथ मजबूती से खड़ा है”.

US-ईरान युद्ध पर भारत

भारत के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान जारी कर कहा कि देश युद्ध की स्थिति को लेकर बहुत चिंतित है. सभी पक्षों से “संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने” का आग्रह किया. इसमें आगे कहा गया कि “तनाव कम करने और अंदरूनी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाया जाना चाहिए”, और “सभी देशों की सॉवरेनिटी और टेरिटोरियल इंटीग्रिटी का सम्मान किया जाना चाहिए”.