प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उज्बेकिस्तान दौरे के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान के रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में कई अहम फैसले सामने आए. ताशकंद में राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव के साथ बातचीत में दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी को व्यापक स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई. मोदी ने उज्बेकिस्तान की आजादी की 35वीं वर्षगांठ पर वहां की जनता को शुभकामनाएं दीं. इसी दौरान पीएम मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘ओली दराजली दोस्तलिक’ से भी सम्मानित किया गया.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान की रणनीतिक साझेदारी के 15 साल पूरे हो रहे हैं. अब दोनों देश अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक ले जाने की तैयारी कर रहे हैं. दोनों पक्षों ने नए लक्ष्य तय करने और साझा परियोजनाओं पर तेजी से काम करने की बात कही. मोदी ने उज्बेकिस्तान की उस पहल की भी सराहना की, जिसमें द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने वाले प्रमुख क्षेत्रों और परियोजनाओं की पहचान की गई है.
#WATCH | PM @narendramodi conferred upon ‘Oliy Darajali Do’stlik’ Order in Tashkent.@MEAIndia @amb_tashkent #PMModiInUzbekistan #Uzbekistan pic.twitter.com/gDg2w1dp4G
— DD News (@DDNewslive) August 30, 2026
दोनों देशों के बीच विदेश मंत्रियों के स्तर पर एक समन्वय परिषद बनाने का फैसला हुआ है. इसका उद्देश्य आपसी सहयोग में बेहतर तालमेल कायम करना होगा. इसके अलावा भारत और उज्बेकिस्तान संयुक्त बिजनेस समिट आयोजित करेंगे, जिसमें दोनों देशों के कारोबारी नेता हिस्सा लेंगे. PM मोदी ने बताया कि यूरेनियम की आपूर्ति के लिए दोनों पक्ष दीर्घकालिक व्यवस्था तैयार करने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं.
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच तीन सिस्टर सिटी और सिस्टर स्टेट समझौते किए जा रहे हैं. इन समझौतों का प्रभावी इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा. मोदी ने उज्बेकिस्तान के न्यू ताशकंद और गुजरात की GIFT City का उल्लेख करते हुए विकास, तकनीक और आधुनिक शहरी ढांचे में सहयोग बढ़ाने की संभावना पर जोर दिया.
राष्ट्रपति शावकत मिर्जियोयेव ने भारत को उज्बेकिस्तान का रणनीतिक साझेदार बताया. उन्होंने कहा कि पिछले साल दोनों देशों के बीच व्यापार पहली बार एक अरब डॉलर से ऊपर पहुंचा. हाल के सालों में संयुक्त उपक्रमों की संख्या में भी कई गुना बढ़ोतरी हुई है. दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को और विस्तार देने के लिए कारोबारी संपर्क बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है.
मिर्जियोयेव के मुताबिक भारत और उज्बेकिस्तान के बीच हर सप्ताह करीब 14 सीधी उड़ानें चलती हैं. इससे लोगों के बीच संपर्क और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूती मिल रही है. भारतीय नागरिकों के लिए 30 दिन की वीजा मुक्त सुविधा शुरू होने से पर्यटन और व्यापार को और गति मिलने की उम्मीद है. दोनों देशों का मानना है कि आसान यात्रा व्यवस्था से आपसी संबंधों को नई मजबूती मिलेगी.