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India Daily

'जब वोटों की फसल काटनी थी...', राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर साधा निशाना

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले तो वह 'नरेगा' ही थी, मगर जब वोटों की फसल काटनी थी तो वह 'नरेगा' से 'मनरेगा' हो गई.

Anuj
Edited By: Anuj
'जब वोटों की फसल काटनी थी...', राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विपक्ष पर साधा निशाना
Courtesy: @Kapil_Jyani_

नई दिल्ली: लोकसभा और राज्यसभा में बजट सत्र का दूसरा भाग जारी है, जो 2 अप्रैल को खत्म हो जाएगा. इस बीच मंगलवार को भी सदन में कार्यवाही हुई. राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 'निंदक नियरे राखिए, ऑंगन कुटी छवाय, बिन पानी, साबुन बिना, निर्मल करे सुभाय.' ऐसी हर आलोचना का स्वागत है, लेकिन केवल आलोचना के लिए आलोचना नहीं होनी चाहिए. सिर्फ कुछ कहना है, इसलिए आलोचना करना उचित नहीं है. 

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि लोकतंत्र केवल ईंट, गारे और सीमेंट का बना हुआ भवन नहीं है, बल्कि यह एक पवित्र मंदिर है. मैं यहां बार-बार शीश झुकाता हूं. इस पवित्र मंदिर की यदि कोई मूर्ति है तो वह हमारी जनता है और यदि इसके प्राण हैं तो वह है सार्थक बहस. इसलिए मैं इस बहस का हृदय से स्वागत करता हूं.

विपक्ष पर साधा निशाना

शिवराज सिंह चौहान ने आगे बोलते हुए कहा कि दरिद्र ही नारायण है, जनता ही जनार्दन है. यह पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी का कहना था. पंडित दीनदयाल जी हो या डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी. उन्होंने कहा था कि एक देश में दो निशान, दो विधान, दो प्रधान नहीं चलेंगे.

उस संकल्प को नरेंद्र मोदी की सरकार ने पूरा किया. केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले तो वह 'नरेगा' ही थी, मगर जब वोटों की फसल काटनी थी तो वह 'नरेगा' से 'मनरेगा' हो गई. आपको न गरीब से लेना था, न मजदूर से लेना था… आपको तो अपने वोट से लेना था. 

'बजट में प्रावधान कर दिया है'

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों ने भी अपने बजट में प्रावधान कर दिया है. आप कहते थे कि राज्यों के पास पैसा कहां से आएगा. भारत की आर्थिक स्थिति निरंतर मजबूत हो रही है. केंद्र का बजट भी बढ़ रहा है, राज्यों का भी बढ़ रहा है. केंद्रीय करों में राज्यों को उनका हिस्सा दिया जा रहा है. झारखंड में हमारी सरकार नहीं है, फिर भी बजट में प्रावधान किया गया है. केरल में हमारी सरकार नहीं है, वहां भी बजट में प्रावधान किया गया है. पंजाब , जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में भी आवश्यक प्रावधान किए गए हैं.