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'आजादी के बाद देश का सबसे बड़ा घोटाला', अभिषेक बनर्जी ने क्यों की धर्मेंद्र प्रधान की गिरफ्तारी की मांग?

बनर्जी ने कहा कि प्रदेश की जनता ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बाहर का रास्ता दिखा दिया और पीएम मोदी को बड़ा सबक सिखाया. उन्होंने कहा कि पार्टी के जो नेता लोकसभा चुनाव के दौरान निष्क्रिय रहे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि पार्टी के जो नेता लोकसभा चुनाव के दौरान निष्क्रिय रहे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. 

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'आजादी के बाद देश का सबसे बड़ा घोटाला', अभिषेक बनर्जी ने क्यों की धर्मेंद्र प्रधान की गिरफ्तारी की मांग?
Courtesy: Social media

NEET UG Scam: नीट यूजी (NEET UG) पेपर लीक को लेकर कांग्रेस नेता अभिषेक बनर्जी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की गिरफ्तारी की मांग की है. डायमंड हार्बर से टीएमसी सांसद ने कहा, '21 जुलाई 2022 के अगले दिन ईडी ने राज्य की पूर्व शिक्षा मंत्री प्रथा बनर्जी के घर पर छापा मारा और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. हम किसी को बचा नहीं रहे जिसने भी गलती की है और हम अन्याय को अनुमति नहीं देते लेकिन अगर एसएससी भर्ती घोटाले को लेकर प्रथा के घर पर छापा मारा जासकता है और उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है तो धर्मेंद्र प्रधान को क्यों गिरफ्तार नहीं किया जाना चाहिए और नीट मामले में उनके घर पर छापा क्यों नहीं मारा जाना चाहिए. यह भेदभाव क्यों.'

जनता ने मोदी जी को सबक सिखा दिया
बनर्जी ने कहा कि प्रदेश की जनता ने लोकसभा चुनाव में बीजेपी को बाहर का रास्ता दिखा दिया और पीएम मोदी को बड़ा सबक सिखाया. उन्होंने कहा कि पार्टी के जो नेता लोकसभा चुनाव के दौरान निष्क्रिय रहे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी. 

टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद पंचायत के जो पार्षद ये सोचते हैं कि वे लोकसभा चुनाव में कुछ नहीं करेंगे, सारी जिम्मेदारी ममता बनर्जी की ही है, ऐसे लोगों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि जिस किसी भी जनप्रतिनिधि ने काम नहीं किया या जो जनता के बीच नहीं गया उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएग, फिर चाहे वो किसी भी पद पर क्यों न हो.

टीएमसी ने मनाया शहीद दिवस

21 जुलाई को टीएमसी ने शहीद दिवस मनाया. इस दिन कोलकाता में एक रैली का आयोजन किया गया, साथ ही सीएम ममता बनर्जी ने इस अवसर पर एक जनसभा को भी संबोधित किया. बता दें कि 21 जुलाई 1993 को ममता बनर्जी की अगुवाई में पश्चिम बंगाल यूथ कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन किया गया. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान 13 लोगों की मौत हो गई थी.