नई दिल्ली: इसरो को लेकर बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला के भाई तहसीन पूनावाला ने दावा किया था कि सरकार ने इसरो के वैज्ञानिकों को बीते तीन महीने से सैलरी नहीं दी है. तहसीन पूनावाला के इस दावे का सच सामने आ गया है. दरअसल, तहसीन पूनावाला ने कहा था कि यूट्यूब चैनल पर यह कहा था कि इसरो के वैज्ञानिकों को तीन महीने से सैलरी नहीं मिली है. क्या यह सही है? और इस सरकार के साथ ये मुझे यही दिक्कत है. हमें इसरो पर बहुत गर्व है. यह एक अच्छा संगठन है. तीन महीनों से वैज्ञानिकों को सैलरी नहीं दी गई है और इस पर आप मेरा फैक्ट-चेक करने के लिए आजाद हैं.
फैक्ट चेक में झूठा निकला दावा
इसरो को लेकर तहसीन पूनावाला के इस दावे पर जब पीआईबी ने फैक्ट चेक किया तो यह दावा गलत निकला. पीआईबी ने बताया कि सरकार की तरफ से हर महीने वैज्ञानिकों को सैलरी भेजी जाती है. पीआईबी के इस बयान के बाद बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक्स पर इसरो के उन 10 वैज्ञानिक के नाम बताने के लिए कहा है जिन्हें सैलरी नहीं मिलने का दावा किया गया है.
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इसरो ने लॉन्च किया है चंद्रयान-3
गौरतलब है कि 14 जुलाई को इसरो ने चंद्रयान-3 को लॉन्च किया है. 16 अगस्त को चंद्रयान-3 चंद्रमा की अगली कक्षाओं में प्रवेश करते हुए चांद के पास जा पहुंचा है. चंद्रमा के ध्रुवों पर चंद्रयान-3 को स्थापित करने का अभियान अब तेजी से आगे बढ़ रहा है. चंद्रमा से चंद्रयान-3 की दूरी धीरे-धीरे कम होती जा रही है. इसरो की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार 23 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र पर चंद्रयान-3 के सॉफ्ट लैंडिंग की उम्मीद है.
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