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जयपुर में मर्डर, चंडीगढ़ से गिरफ्तारी; जानें गोगामेड़ी की हत्या के आरोपियों तक कैसे पहुंची पुलिस?

जयपुर में राजपूत नेता सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के बाद दोनों मुख्य आरोपी चार शहरों तक भागते रहे. आखिरकार शनिवार रात को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दोनों आरोपियों को चंडीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया.

Om Pratap
Edited By: Om Pratap
जयपुर में मर्डर, चंडीगढ़ से गिरफ्तारी; जानें गोगामेड़ी की हत्या के आरोपियों तक कैसे पहुंची पुलिस?

हाइलाइट्स

  • रोहित, उधम दिल्ली क्राइम ब्रांच की हिरासत में
  • शूटर नितिन फौजी को ले गई राजस्थान पुलिस

sukhdev singh gogamedi murder shooters arrest story: राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के चीफ सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या के आरोप में शनिवार को चंडीगढ़ से दो शूटरों समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया. दिल्ली पुलिस और राजस्थान पुलिस के संयुक्त अभियान में दो शूटरों (रोहित राठौड़ और नितिन फौजी) को कल देर शाम दबोचा गया, जबकि दोनों के सहयोगी उधम सिंह की भी गिरफ्तारी की गई है. पुलिस ने मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है.

तीनों की गिरफ्तारी से पहले शनिवार को ही राजस्थान पुलिस ने रामवीर जाट को शूटरों (रोहित और नितिन) को अपनी बाइक पर घटनास्थल से भागने और उन्हें अजमेर रोड पर छोड़ने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया था. पिछले मंगलवार यानी 5 दिसंबर को सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की जयपुर स्थित उनके घर पर बहुत करीब से गोली मारकर हत्या की गई थी. गोलीबारी में शूटरों के साथ आए नवीन सिंह शेखावत की मौत हो गई थी, जबकि वारदात को अंजाम देने के बाद रोहित राठौड़ और नितिन फौजी घटनास्थल से फरार हो गए थे.

बराड़-बिश्नोई गैंग के रोहित गोदारा ने ली थी हत्या की जिम्मेदारी

गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई से करीबी तौर पर जुड़े गैंगस्टर रोहित गोदारा ने हत्या की जिम्मेदारी ली थी. रोहित गोदारा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा था कि गोगामेड़ी हमारे दुश्मनों की मदद कर रहे थे और इसी वजह से वारदात को अंजाम दिया गया. उधर, पुलिस ने कहा कि शूटर, गोगामेड़ी की हत्या के बाद रोहित गोदारा के करीबी सहयोगी वीरेंद्र चौहान के साथ लगातार संपर्क में थे. वीरेंद्र चौहान पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. 

शूटरों की हालिया लोकेशन का पता उनके मोबाइल फोन से लगाया गया, क्योंकि वारदात को अंजाम देने के बाद भागने के दौरान दोनों शूटर वीरेंद्र चौहान को कॉल कर रहे थे. पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी पहले ट्रेन से हिसार गए और फिर उधम सिंह के साथ मनाली गए. वे एक दिन के लिए मंडी में भी रुके. मंडी से तीनों लोग चंडीगढ़ आए जहां उन्हें पकड़ लिया गया. बता दें कि वारदात के बाद शूटरों को ढूंढने के लिए कई टीमों का गठन किया गया था और पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए किसी भी तरह की जानकारी देने वाले को 5 लाख रुपये का इनाम देने की भी घोषणा की थी.

रोहित और उधम दिल्ली क्राइम ब्रांच की हिरासत में, नितिन को ले गई राजस्थान पुलिस

जानकारी के मुताबिक, दोनों शूटर और उनके सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली क्राइम ब्रांच रोहित और उधम को अपने साथ लेकर दिल्ली पहुंची, जबकि राजस्थान पुलिस नितिन फौजी को अपने साथ ले गई. पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी पहले डीडवाना और फिर वहां से धारूहेड़ा पहुंचे. यहां दोनों आरोपियों की तस्वीर सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. यहां से आरोपी बस के जरिए मनाली गई, फिर चंडीगढ़ आए. राजस्थान पुलिस ने मामले को सुलझाने के लिए दिल्ली स्पेशल सेल की मदद ली.