नई दिल्ली: राम मंदिर पर कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा की टिप्पणी पर VHP ने उनकी कड़ी आलोचना की है. सैम पित्रोदा के बयान पर कड़ा प्रहार करते हुए विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि इससे पुष्टि होती है कि कांग्रेस भगवान राम से दूरी बनाए रखती है.
विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने बड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा "सैम पित्रोदा का यह बयान कि वह अयोध्या में राम मंदिर को लेकर देश भर में जश्न से परेशान हैं, मैं इससे हैरान हूं. ऐसे कार्यक्रम पूरे समुदाय की ओर से किए जाते हैं. हम इसके लिए सरकार का पैसा स्वीकार नहीं कर रहे हैं और वे कोई व्यवस्था नहीं कर रहे हैं. श्रद्धालु लोग ऐसे कार्यक्रम कर रहे हैं. यह इस बात की पुष्टि है कि कांग्रेस भगवान राम से दूरी बनाए रखती है."
#WATCH | On Chairman of Indian Overseas Congress Sam Pitroda's statement, Vishwa Hindu Parishad (VHP) president Alok Kumar says, " The statement of Sam Pitroda that he is bothered about the celebrations across the country over Ram Temple in Ayodhya, I am surprised by it...such… pic.twitter.com/8aEglWE5A6
— ANI (@ANI) December 27, 2023Also Read
जब देश अयोध्या में राम मंदिर के अभिषेक की तैयारी कर रहा है, तो वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने सवाल उठाया है कि क्या राम मंदिर असली मुद्दा है या बेरोजगारी और महंगाई? दरअसल बीते दिनों इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा ने बड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए कहा कि मुझे किसी भी धर्म से कोई दिक्कत नहीं है. कभी-कभार मंदिर के दर्शन के लिए जाना ठीक है, लेकिन आप उसे मुख्य मंच नहीं बना सकते. 40 फीसदी लोग बीजेपी को वोट देते हैं और 60 फीसदी लोग बीजेपी को वोट नहीं देते. वह हर किसी के प्रधान मंत्री हैं, न कि किसी पार्टी के प्रधान मंत्री और यही संदेश भारत के लोग उनसे चाहते हैं. रोजगार के बारे में बात करें, मुद्रास्फीति के बारे में बात करें, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और चुनौतियों के बारे में बात करें. लोगों को तय करना होगा कि असली मुद्दे क्या हैं. क्या राम मंदिर असली मुद्दा है? या बेरोजगारी एक वास्तविक मुद्दा है. क्या राम मंदिर असली मुद्दा है या महंगाई असली मुद्दा है?
कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के बयान पर केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने भी उनकी आलोचना की है. मीनाक्षी लेखी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि ये वे लोग हैं जिनके लिए भगवान राम केवल एक काल्पनिक चरित्र थे. मैं केवल इतना कह सकता हूं कि सैम पित्रोदा जैसे लोग इस देश और इस देश के लोकाचार और मूल्यों से कटे हुए हैं. यदि वे जुड़े होते, तो उन्हें पता होता कि रामायण ने हमें क्या सिखाया है. वे राम राज्य की अवधारणा को नहीं समझ सकते.