नई दिल्ली: लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन बिल (131वां संशोधन) शुक्रवार को गिर गया. बिल को पास करने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, लेकिन सरकार केवल 298 वोट ही हासिल कर पाई, जबकि विरोध में 230 वोट पड़े. कुल 528 सांसदों ने वोटिंग में हिस्सा लिया. बिल के गिरने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गया है.
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने बिल गिरने को संविधान और विपक्षी एकता की जीत बताया. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मौजूदा लोकसभा सदस्य संख्या में ही महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाए. प्रियंका गांधी ने दावा किया कि यह बिल महिलाओं के सशक्तिकरण से ज्यादा चुनावी सीटों के पुनर्निर्धारण (डीलिमिटेशन) से जुड़ा था. उन्होंने इसे लोकतंत्र की रक्षा की जीत करार दिया.
Addressing the media on the Opposition’s shameful resistance to the #NariShaktiVandan Adhiniyam Bill. @rsprasad
— Smriti Z Irani (@smritiirani) April 18, 2026
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इस पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखा पलटवार किया. केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश की महिलाओं का अधिकार छीने जाने का जश्न मनाया है. स्मृति ईरानी ने कहा कि प्रियंका गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक तरह से एहसान जताया गया. उन्होंने कांग्रेस पर महिला विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया.
स्मृति ईरानी ने याद दिलाया कि ट्रिपल तलाक जैसा अभिशाप कांग्रेस शासन में सालों तक चला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब महिलाओं के अधिकारों पर राजनीति कर रही है. साथ ही हिमाचल प्रदेश चुनाव का जिक्र करते हुए विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाए. पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने भी प्रियंका गांधी के बयान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि आमतौर पर वे प्रियंका गांधी पर टिप्पणी नहीं करते, लेकिन आज उनकी भाषा गलत थी.
रविशंकर प्रसाद बोले- 'महिलाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है, ऐसी बात कहना सही नहीं. महिलाएं कोई वस्तु नहीं हैं.' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने महिलाओं की आकांक्षाओं को कुचला है. रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस का क्रूर चेहरा सामने आ गया है और यह दर्द हर महिला याद रखेगी. उन्होंने कांग्रेस की संवैधानिक समझ पर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्टी को संविधान समझाना पड़ेगा. रविशंकर प्रसाद ने घोषणा की कि बीजेपी इस मुद्दे पर गांव-गांव तक जाकर लोगों को जागरूक करेगी.