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India Daily

पीट-पीट कर कान से निकाला खून, पैंट में डाल दिया बिच्छू, सरकारी स्कूल में शिक्षकों ने दलित छात्र के साथ की घिनौनी हरकत

सरकारी स्कूल में एक दलित छात्र के साथ शिक्षकों ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी. शिक्षक-छात्र की मर्यादा को तार-तार करने के इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

Kanhaiya Kumar Jha
पीट-पीट कर कान से निकाला खून, पैंट में डाल दिया बिच्छू, सरकारी स्कूल में शिक्षकों ने दलित छात्र के साथ की घिनौनी हरकत
Courtesy: Gemini AI

शिमला: शिमला जिले के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक समेत तीन शिक्षकों पर आठ साल के एक दलित छात्र के साथ मारपीट करने और उसकी पैंट में बिच्छू डालने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी. 

बच्चे के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, रोहड़ू उप-मंडल के अंतर्गत खड़ापानी स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में पढ़ने वाले इस बच्चे को प्रधानाध्यापक देवेंद्र और शिक्षकों, बाबू राम और कृतिका ठाकुर द्वारा लगभग एक साल तक कथित तौर पर प्रताड़ित किया गया और लगातार शारीरिक शोषण का सामना करना पड़ा. 

पिटाई से छात्र के कान से बहने लगा खून

पीड़ित बच्चे के पिता ने कहा कि लगातार पिटाई के कारण लड़के के कान से खून बहने लगा और उसके कान का पर्दा क्षतिग्रस्त हो गया. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि शिक्षक बच्चे को स्कूल के शौचालय में ले गए और उसकी पैंट में एक बिच्छू रख दिया.

क्या कहा पुलिस ने? 

शिकायत के बाद, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस ने कहा कि मामले की जांच किसी राजपत्रित अधिकारी से करवाई जाए या नहीं, यह तय करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को एक पत्र भेजा गया है. 

परिजनों को कुछ न बताने की दी थी धमकी

पिता के अनुसार, शिक्षकों ने लड़के को घर पर कुछ भी न बताने की धमकी दी और कहा कि अगर उसने कुछ बताया तो वे उसे गिरफ्तार करवा देंगे. उन्होंने आगे बताया कि 30 अक्टूबर को, प्रधानाध्यापक देवेंद्र ने कथित तौर पर बच्चे को स्कूल से निकालने की धमकी दी और परिवार से कहा कि अगर मामला सार्वजनिक हुआ तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. पिता ने कहा कि उन्हें पुलिस में शिकायत दर्ज न कराने या घटना के बारे में सोशल मीडिया पर पोस्ट न करने की भी चेतावनी दी गई थी.

शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि शिक्षिका कृतिका ठाकुर के पति, नितीश ठाकुर, उनकी जगह ले रहे हैं और पिछले एक साल से स्कूल में अवैध रूप से छात्रों को पढ़ा रहे हैं. उन्होंने शिक्षकों पर जाति-आधारित भेदभाव का भी आरोप लगाया. दावा किया कि नेपाली और हरिजन छात्रों को भोजन के दौरान राजपूत छात्रों से अलग बैठाया जाता है. 

लगातार सामने आते रहते हैं इस तरह के मामले

रोहड़ू से रिपोर्ट की गई यह पहली ऐसी घटना नहीं है. पिछले हफ्ते, गवाना के सरकारी प्राथमिक विद्यालय के एक शिक्षक को एक छात्र को कांटेदार झाड़ी से पीटने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था. इससे पहले, रोहड़ू के लिमडा गांव में एक 12 वर्षीय दलित लड़के ने आत्महत्या कर ली थी, जब कुछ ऊंची जाति की महिलाओं ने कथित तौर पर उसे अपने घर में प्रवेश करने के लिए एक गौशाला के अंदर बंद कर दिया था. 

रोहड़ू से सामने आई यह पहली ऐसी घटना नहीं है. पिछले हफ्ते, गवाना के सरकारी प्राथमिक विद्यालय के एक शिक्षक को एक छात्र को कांटेदार झाड़ी से पीटने के आरोप में निलंबित कर दिया गया.