तेजस लड़ाकू विमानों की मौजूदा खेप की आपूर्ति में हो रही देरी के बीच अब एक अच्छी खबर सामने आई है. दरअसल भारत अब इससे अधिक शक्तिशाली और उसके प्रभाव तेजस मार्क 2 के प्रोटोटाइप का परीक्षण करने पर विचार कर रहा है. हालही में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के अध्यक्ष समीर कामत की अध्यक्षता में इसको लेकर एक हाईलेवल मीटिंग हुई है. जिसमें यह तय किया गया है कि तेजस मार्क-2 और एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट की पहली उड़ान साल 2026 तक भरना शुरू कर देगा और 2029 तक उसके बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा. वहीं अगले दो महीनों में इसका प्रोटोटाइप परीक्षण भी कर लिया जाएगा.
तेजस मार्क 2 के उड़ान के प्रोटोटाइप के टेस्टिंग से जुड़े सभी लोगों ने प्रोग्रेस रिपोर्ट सौंप दी है. सूत्रों के मुताबिक एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के तहत सेंटर फॉर मिलिट्री एयरवर्थनेस एंड सर्टिफिकेशन और नेशनल फ्लाइट टेस्ट सेंटर भी इस बैठक का हिस्सा रहे.
साल 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने तेजस एलसीए मार्क 2 फाइटर जेट को हरी झंडी मिली थी. इस स्वदेशी मल्टीरोल सुपरसोनिक फाइटर जेट्स की पहली उड़ान 2026 में हो सकती है. साल 2027-29 तक में इसका उत्पादन शुरू हो जाएगा.
तेजस मार्क 2 एक अत्याधुनिक 17.5 टन का सिंगल इंजन वाला सुपरसोनिक एयरक्राफ्ट है. वायुसेना में इसके आने से पुराने मिराज 2000 और जगुआर और मिग-29 एयरक्राफ्ट के रिप्लेसमेंट में मदद मिल सकती है. साल 2027 तक इसके उत्पादन पूरे होने की उम्मीद की जा रही है.डीआडीओ के मुताबिक एवियोनिक्स और अन्य़ क्षमताओं की बात करें तो इसे राफेल क्लास एयरक्राफ्ट की श्रेणी में रखा जा सकता है, जबकि इसका वजन कम है.
तेजस मार्क 2 में GE-414 इंजन लगाया गया है. यह GE-404s का एडवांस वर्जन है. बता दें कि फिलहाल वायुसेना के पास 30 LCA तेजस विमान मौजूद हैं. इस तेजस मार्क 2 फाइटर जेट में एक या दो क्रू बैठ सकेंगे. इसकी लंबाई 47.11 फीट है. विंगस्पैन 27.11 फीट और ऊंचाई 15.11 फीट होगी. अधिकतम टेक ऑफ वजन 17,500 किलोग्राम होगा. यह अपने साथ 6500 किलोग्राम वजन के हथियार उठाकर उड़ सकेगा.
इस फाइटर जेट की ताकत सबसे बड़ी ताकत उसकी गति है. यह अधिकतम 2385 किमी घंटा की रफ्तार से उड़ेगा. यानी दुनिया के सबसे सर्वश्रेष्ठ फाइटर जेट्स की गति को टक्कर देगा. इसकी कुल रेंज 2500 किमी है, जबकि कॉम्बैट रेंज 1500 किमी होगी. यह अधिकतम 56,758 फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकेगा.
इसमें 13 हार्ड प्वाइंट्स होंगे यानी 13 अलग-अलग प्रकार के हथियार या फिर उनका मिश्रण लगाया जा सकता है. इसमें हवा से हवा में मार करने वाली MICA, ASRAAM,Meteor, Astra, NG-CCM हवा से सतह पर मार करने वाली ब्रह्मोस -NG ALCM, LRLACM, स्टार्म शैडो, क्रिस्टल मेज लगाने की योजना है. एंटी रेडिएशन मिसाइल रूद्रम 1/2/3 लगाया जाएगा. इसमें प्रेसिशन गाइडेड म्यूनिशन यानी बम भी लगाए जाएंगे. इस LAC Mark 2 फाइटर जेट में जो एवियोनिक्स लगे हैं वह उसे दुश्मनों का पता लगाने और हमलों से बचने में मदद करेंगे.