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Malegaon Blast: पेशी से लगातार बच रहीं साध्वी प्रज्ञा, NIA कोर्ट ने मांग ली मेडिकल रिपोर्ट, अब बढ़ेंगी मुश्किलें

Malegaon Blast: एनआईए कोर्ट ने 2008 के मालेगांव विस्फोट मामले में आरोपी भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के स्वास्थ्य की जांच करने का निर्देश दिया है.

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India Daily Live

Malegaon Blast: राष्ट्रीय जांच एजेंसी  की विशेष कोर्ट ने मालेगांव बम धमाके मामले में सुनवाई में बार-बार अनुपस्थित रहने के लिए भाजपा सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को फटकार लगाई है. साथ कोर्ट ने  प्रज्ञा सिंह ठाकुर की स्वास्थ्य स्थिति की जांच करने का निर्देश दिया है. वह कई मौकों पर अदालत की कार्यवाही से अनुपस्थित रहीं. विशेष एनआईए जज एके लाहोटी ने कहा, NIA सोमवार तक उनके स्वास्थ्य पर रिपोर्ट दाखिल करे.  

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर बुधवार को भी कोर्ट में पेश नहीं हुईं, जिस पर कोर्ट ने कहा कि उनकी लगातार अनुपस्थिति से मुकदमे में बाधा आ रही है. ठाकुर पेश न होने के लिए स्वास्थ्य कारणों का हवाला देती हैं. कोर्ट ने NIA से सोमवार तक उनके स्वास्थ्य पर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है. 29 सितंबर, 2008 को मुंबई से लगभग 200 किलोमीटर दूर मालेगांव में एक मस्जिद के पास मोटरसाइकिल पर रखे विस्फोटक उपकरण में विस्फोट होने से छह लोगों की मौत हो गई और 100 से अधिक घायल हो गए.

'साध्वी प्रज्ञा खराब स्वास्थ्य और गंभीर बीमारियों से पीड़ित'

साध्वी प्रज्ञा के वकील ने बुधवार को ठाकुर की उपस्थिति के लिए छूट मांगी. वकील ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा खराब स्वास्थ्य और गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं. वकीलों ने कहा कि, 'उनकी मेडिकल कंडीशन ठीक नहीं है और डॉक्टरों के सलाह पर भोपाल में अपने घर पर उपचार ले रही हैं. उसकी चिकित्सा और शारीरिक स्थिति पर विचार करते हुए पर्याप्त समय दिया जाए. NIA की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक अविनाश रसल ने कहा कि कई मौकों पर ठाकुर की बीमारी की याचिका पर विचार किया गया है. क्योंकि वह मुंबई में नहीं हैं, इसलिए उनकी गैर-हाजिरी का कारण सत्यापित नहीं किया जा सकता है, लेकिन भोपाल एनआईए कार्यालय को सत्यापन करने का निर्देश दिया जा सकता है. 

कार्यवाही में बाधा आ रही

अदालत ने कहा कि उनकी अनुपस्थिति से अदालती कार्यवाही में बाधा आ रही है. आरोपी (ठाकुर) 22/03/2024 को छोड़कर लंबे समय से अनुपस्थित है. 22/03/2024 को आरोपी अदालत में पेश हुई और उसकी शारीरिक और मानसिक स्थिति को देखते हुए उसे अदालत से बाहर जाने की अनुमति दी गई. इसके बाद भोपाल रवाना होने से पहले, वह अपना बयान दर्ज कराने के लिए अदालत में वापस नहीं आईं. अदालत ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति के संबंध में एनआईए भोपाल से सत्यापन रिपोर्ट मांगी जिसमें कहा गया कि मुंबई एजेंसी इकाई भोपाल में अपनी इकाई के साथ पत्राचार कर सकती है और 8 अप्रैल को या उससे पहले अदालत को रिपोर्ट सौंप सकती है.

प्रज्ञा ठाकुर पर मालेगांव बम धमाकों की साजिश रचने का आरोप है. चार्जशीट के अनुसार जिस बाइक में धमाका हुआ वह उनके नाम पर पंजीकृत है.

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