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India Daily

'भारत में सभी चुनाव फिक्स हैं': राहुल गांधी का गंभीर आरोप, बोले- लोकतंत्र से विरोधी लहर गायब होना नामुमकिन

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत में चुनाव प्रक्रिया में धांधली का दावा करते हुए आरोप लगाया कि वोटों की चोरी से संविधान और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को गहरा नुकसान हो रहा है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'भारत में सभी चुनाव फिक्स हैं': राहुल गांधी का गंभीर आरोप, बोले- लोकतंत्र से विरोधी लहर गायब होना नामुमकिन
Courtesy: @RahulGandhi

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दावा किया कि वे "100 प्रतिशत आश्वस्त" हैं कि भारत में चुनावों के साथ हेरफेर की जा रही है. उन्होंने कहा कि देश में सभी चुनाव फिक्स किए जा रहे हैं. राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि किसी भी लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ जनविरोध (एंटी-इनकंबेंसी) का माहौल पूरी तरह गायब कैसे हो सकता है, जबकि यह हर लोकतांत्रिक व्यवस्था का स्वाभाविक हिस्सा है.

अमित शाह के कथित वीडियो का दिया हवाला

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक कथित वीडियो से की, जिसमें उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि भाजपा सरकार 30 वर्षों तक सत्ता में रहेगी. राहुल गांधी ने कहा कि वे एक राजनीतिक परिवार से आते हैं और कोई भी जिम्मेदार राजनीतिक नेता ऐसा दावा नहीं कर सकता. उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि 1971 के बांग्लादेश युद्ध में बड़ी जीत के बाद भी उन्हें एक-दो साल के भीतर भारी राजनीतिक दबाव और जनविरोध का सामना करना पड़ा था.

'केवल उत्तर कोरिया में नहीं होती विरोधी लहर'

राहुल गांधी ने कहा कि किसी नेता की लोकप्रियता या सरकार के प्रदर्शन को समझा जा सकता है, लेकिन यह समझ से परे है कि सरकार के खिलाफ असंतोष पूरी तरह कैसे खत्म हो सकता है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा माहौल केवल उत्तर कोरिया में संभव है, किसी लोकतांत्रिक देश में नहीं. कांग्रेस इस बात का जवाब तलाश रही थी कि यह जनविरोध आखिर कहां गायब हो गया, और अब उन्हें इसका पूरा सच समझ आ गया है.

चुनाव आयोग और संविधान पर हमला

राहुल गांधी ने कहा कि चुनाव आयोग देश के वोट और जनादेश का मुख्य रक्षक है. यदि चुनाव आयोग वोटों की रक्षा करने में विफल रहता है, तो इसका असर पूरी संवैधानिक प्रणाली पर पड़ता है. उन्होंने आरोप लगाया कि यदि जनता का वोट ही छीन लिया जाता है या नष्ट कर दिया जाता है, तो संविधान निष्प्रभावी हो जाता है, बनाए जाने वाले कानून अवैध हो जाते हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं का कोई मूल्य नहीं रह जाता.

सबूतों के साथ आरोप लगाने का दावा

कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि वे बिना किसी आधार के बात नहीं कर रहे हैं. उनके अनुसार उपलब्ध जानकारियां यह साबित करने के लिए पर्याप्त हैं कि 2024 के लोकसभा चुनाव और विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनाव निष्पक्ष नहीं थे. उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस बात के ठोस प्रमाण मौजूद हैं कि चुनावी प्रक्रियाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की गई है.

मुख्य चुनाव आयुक्त पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उनकी नियुक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा की गई थी. उन्होंने दावा किया कि अब चुनाव आयोग के भीतर ही अन्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली और मतदान प्रणाली को पहुंचे नुकसान पर सवाल खड़े कर रहे हैं.

'वोट चोरी से कानून और संस्थाओं की चोरी'

प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने उद्योगपति गौतम अडानी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, अमित शाह, नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और ज्ञानेश कुमार की तस्वीरें दिखाते हुए उन्हें इस व्यवस्था का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि "वोट चोरी" से "कानून की चोरी" होती है और उससे "संस्थाओं की चोरी" का रास्ता साफ होता है. उन्होंने कहा कि यदि वोट ही चोरी का है, तो संसद में बैठे जनप्रतिनिधियों की वैधता पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं.