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संसद में पेश हुआ पेपर लीक पर नकेल वाला बिल, जानें किस राज्य में कैसा कानून?

प्रतियोगी परीक्षा में अक्सर गड़बड़ी की शिकायतें आती हैं और राज्य सरकारें आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी करती हैं. लेकिन अब गड़बड़ी को रोकने वाला कानून बनाए जाने की तैयारी है. केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में इस संबंध में एक बिल पेश किया है.

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Om Pratap
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Public Examinations Bill 2024: केंद्र सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल पर नकेल वाला बिल संसद में पेश किया है. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में इस बिल को मंजूरी दी थी. संसद में पेश किए गए बिल को 'लोक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) विधेयक, 2024' नाम दिया गया है. कहा जा रहा है कि आरोपी के दोषी साबित होने पर उसे 1 से 10 साल तक की जेल और 3 से 5 लाख रुपये तक जुर्माना भरना पड़ सकता है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, संसद में पेश किए गए बिल में पेपर लीक कराने वाले माफिया और पूरे प्रकरण में शामिल अन्य दोषियों के लिए कठोर कार्रवाई का प्रावधान रखा गया है. बिल में एक उच्च स्तर वाले तकनीकी समिति का भी प्रस्ताव है, जो एग्जाम प्रोसेस को और अधिक सुरक्षित बनाने की सिफारिश करेगी. 

जानकारी के मुताबिक, बिल के पास होने के बाद बनने वाला कानून केंद्रीय होगा, जिसके दायरे में सभी संयुक्त प्रवेश परीक्षाएं और सेंट्रल यूनिवर्सिटीज में एडमिशन के लिए होने वाली एंट्रेस एग्जाम्स भी आएंगे. बता दें कि राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड समेत अन्य राज्यों में पेपर लीक की खबरें आ चुकी हैं. कई बार आरोपियों के दोषी सिद्ध होने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई भी की गई है. 

आखिर क्यों हुई कानून की जरूरत?

अलग-अलग राज्यों में लगातार पेपर लीक की खबरों के बाद इस नकल पर नकेल वाली केंद्रीय कानून की जरूरत महसूस की गई. बजट सत्र की शुरुआत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में कहा था कि केंद्र सरकार पेपर लीक रोकने के लिए विधेयक लेकर आएगी. केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह के मुताबिक, बिल को लोकसभा में पेश किया गया है, जहां से पास कराने के बाद इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा. वहां से पास होने के बाद बिल को राष्ट्रपति के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, फिर उनकी अनुमति के बाद ये कानून बन जाएगा. 

जानें नकल पर नकेल के लिए किस राज्य में कैसा कानून?

देश के कई राज्य ऐसे हैं, जहां नकल पर नकेल वाला कानून मौजूद है. पिछले साल उत्तर प्रदेश में नकल पर नकेल कसने वाला कानून बनाया गया था. उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी ऐसा कानून है.

उत्तराखंड: पहाड़ी राज्य में में नकल के खिलाफ कानून बनाया जा चुका है. 2023 में ही उत्तराखंड सरकार ने अध्यादेश जारी किया था. इसके मुताबिक, नकल के दोषी के लिए उम्रकैद की सजा और 10 करोड़ रुपये तक का जुर्माने प्रावधान है. 

हरियाणाः भाजपा और जजपा शासित राज्य हरियाणा में पेपर लीक के दोषी को 7 साल की सजा का प्रावधान है. इसके अलावा, नकल कराए जाने के दौरान मिलने वाले पैसे से बनाई गई संपत्ति को कुर्क करने का भी प्रावधान है.

आंध्र प्रदेश: दक्षिणी राज्य आंध्र प्रदेश में एग्जाम में नकल कराने के दोषियों को 3 से 7 साल की सजा के साथ-साथ जुर्माने का भी प्रावधान है.

राजस्थान: भाजपा शासित राज्य राजस्थान में पेपर लीक करने वाले को 3 साल जेल और जुर्माने का प्रावधान रखा गया है. 

जम्मू कश्मीर: पहाड़ी राज्य में 2 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है.

छत्तीसगढ़: यहां पेपर लीक के दोषी के लिए एक साल की सजा का प्रावधान है. हालांकि, नकल के दायरे के बढ़ने के बाद दोषी के लिए सजा की सीमा भी बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है. 

गुजरात: यहां पिछले साल ही यानी 2023 में 'गुजरात सरकारी परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) विधेयक, 2023' पास किया गया था. दोषी साबित होने पर 10 साल तक की कैद और 1 करोड़ रुपये जुर्माने का प्रावधान है.

 

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First Published : 05 February 2024, 01:35 PM IST