असम विधानसभा के मुस्लिम विधायकों के लिए दो घंटे के नमाज ब्रेक को खत्म करने को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. पक्ष-विपक्ष में असम सरकार के इस फैसले पर जुबानी जंग छिड़ी हुई है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने इस फैसले की आलोचना करते हुए था कि असम सीएम सरमा सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ का चीनी वर्जन बन गए हैं. तेजस्वी यादव के बयान पर अब बीजेपी के नेता और केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पलटवार किया है.
मैं किसी देवी-देवता की अराधना के लिए छुट्टी मांगू तो...
कर्नाटक के हुबली में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए जोशी ने कहा कि क्या राज्यसभा और लोकसभा नमाज पढ़ने के लिए है? अगर मैं किसी देवी-देवता की अराधना के लिए कहूं कि गुरुवार को मुझे अवकाश दे दो, ऐसे देश कैसे चलेगा? यह तो तुष्टिकरण की राजनीति की पराकाष्ठा है.
ऐसे देश कैसे चलेगा
प्रह्लाद जोशी कहा, 'क्या राज्यसभा और लोकसभा नमाज पढ़ने के लिए है? यह तो तुष्टिकरण की राजनीति की पराकाष्ठा है... अगर मैं किसी देवी-देवता की अराधना के लिए कहूं कि गुरुवार को मुझे अवकाश दे दीजिए, क्या ऐसा चलेगा? ऐसे देश चलेगा क्या?... रविवार को दुनिया मानती है और रविवार को ही अवकाश होना चाहिए... यह बेवकूफी है.'
#WATCH हुबली, कर्नाटक: असम में 'नमाज ब्रेक' पर रोक लगाने को लेकर दिए गए राजद नेता तेजस्वी यादव के बयान पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, "क्या राज्यसभा और लोकसभा नमाज पढ़ने के लिए है? यह तो तुष्टिकरण की राजनीति की पराकाष्ठा है... अगर मैं किसी देवी-देवता की अराधना के लिए… pic.twitter.com/tJfAAbUybn
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 1, 2024
हेमंत बिस्वा सरमा ने भी दी प्रतिक्रिया
इससे पहले हेमंत बिस्वा सरमा ने भी तेजस्वी यादव के बयान पर प्रतिक्रिया दी थी. उन्होंने कहा था कि कोई क्या बयान दे उससे उनका काम नहीं रुकेगा. शनिवार को उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'कौन क्या बयान देता है उससे हमारा काम थोड़े ही रुकेगा. हमारा काम तो आगे ही जाना है.'
क्या बोले थे तेजस्वी यादव
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने शुक्रवार को कहा था कि असम के मुख्यमंत्री सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए ऐसा करते हैं. उन्होंने कहा, 'भाजपा के लोगों ने नफरत फैलाने, मोदी-शाह का ध्यान खींचने एवं समाज में ध्रुवीकरण करने के लिए मुसलमान भाइयों को सॉफ्ट टारगेट बना लिया है. कभी वक्फ बोर्ड का बिल आ जाता है तो कभी सीएए एनआरसी का बिल... ये लोग समाज में नफरत पैदा करना चाहते हैं.'S उन्होंने कहा कि 'जब तक हम लोग हैं, उनका कोई बाल बांका नहीं कर सकता.'