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India Daily

India US tariff dispute: 'भारत इसके लिए तैयार, समझौता नहीं करेगा', डोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ के बाद पीएम मोदी का कड़ा रुख

अमेरिका या ट्रंप का नाम लिए बिना, पीएम मोदी ने संकेत दिया कि उन्हें इस तरह का रुख अपनाने की कीमत का एहसास है. प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'मुझे पता है कि हमें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और मैं इसके लिए तैयार हूं. भारत इसके लिए तैयार है.'

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Edited By: Reepu Kumari
India US tariff dispute: 'भारत इसके लिए तैयार, समझौता नहीं करेगा', डोनाल्ड ट्रंप के 50% टैरिफ के बाद पीएम मोदी का कड़ा रुख
Courtesy: Pinterest

India US tariff dispute: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत पर टैरिफ लगाने की धमकियों पर परोक्ष प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत किसानों के हितों से 'कभी समझौता' नहीं करेगा. एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'हमारे लिए, हमारे किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है.

भारत किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के हितों से कभी समझौता नहीं करेगा.' अमेरिका या ट्रंप का नाम लिए बिना, पीएम मोदी ने संकेत दिया कि उन्हें इस तरह का रुख अपनाने की कीमत का एहसास है.  प्रधानमंत्री ने आगे कहा, 'मुझे पता है कि हमें इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी और मैं इसके लिए तैयार हूं. भारत इसके लिए तैयार है.'

PM मोदी का सख्त लहजे में ट्रंप को संदेश 

पीएम मोदी की यह टिप्पणी ट्रंप द्वारा पिछले सप्ताह घोषित 25 प्रतिशत टैरिफ के अलावा, बुधवार को रूसी तेल की खरीद पर भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाने के बाद आई है, जिससे भारत पर लगाया गया कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया है, जो दुनिया में किसी भी देश पर अमेरिका द्वारा लगाए गए सबसे अधिक शुल्कों में से एक है.

 

'आगे बहुत कुछ होगा'- ट्रंप की धमकी 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर दोहरी मार करते हुए न सिर्फ आयात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगा दिया, बल्कि रूस से तेल खरीद जारी रखने को लेकर नए प्रतिबंधों की धमकी भी दे डाली. इसके बाद अब भारत से अमेरिका को होने वाला निर्यात 50% टैरिफ के तहत आएगा, जिससे आम भारतीय कारोबारी और उपभोक्ता दोनों पर असर पड़ने की आशंका है. ट्रंप यहीं नहीं रुके उन्होनें ये तक कह दिया है कि अगर जरुरत पड़ी को भारत के खिलाफ और भी सख्त कदम उठा सकते हैं. 

यह निर्णय ऐसे समय आया है जब दुनिया रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते पहले ही ऊर्जा संकट और आर्थिक अस्थिरता से जूझ रही है. अमेरिकी प्रशासन के अनुसार, भारत की रूस से निरंतर तेल खरीद वैश्विक प्रतिबंधों के असर को कम कर रही है. जब ट्रंप से पूछा गया कि सिर्फ भारत को क्यों निशाना बनाया जा रहा है जबकि चीन भी यही कर रहा है, तो उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'अभी तो केवल आठ घंटे हुए हैं, आगे बहुत कुछ होगा.'