नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 31 मार्च को अपने गृह राज्य गुजरात के एक दिवसीय दौरे पर जा रहे हैं. इस दौरान वे राज्य को 6000 करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे. दौरे में जैन विरासत के संरक्षण, सेमीकंडक्टर तकनीक और रेलवे-शहरी विकास पर खास जोर रहेगा. पीएम कोबा, साणंद, लखनी और अन्य जगहों पर कार्यक्रमों में शामिल होंगे.
दौरे की शुरुआत गांधीनगर जिले के कोबा गांव से होगी. यहां प्रधानमंत्री श्री महावीर जैन आराधना केंद्र में नवनिर्मित 'सम्राट संप्रति संग्रहालय' का उद्घाटन करेंगे. यह संग्रहालय सम्राट अशोक के पोते सम्राट संप्रति के नाम पर बनाया गया है, जिन्होंने जैन धर्म और अहिंसा का प्रचार किया था. संग्रहालय में सात गैलरियां हैं, जहां दुर्लभ जैन कलाकृतियां, प्राचीन पांडुलिपियां, पत्थर-धातु की मूर्तियां और ऐतिहासिक सिक्के रखे गए हैं.
कोबा के बाद पीएम मोदी साणंद पहुंचेंगे. यहां वे 'कायन्स सेमीकॉन' की 3,300 करोड़ रुपये की आउटसोर्स सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (OSAT) सुविधा का लोकार्पण करेंगे. यह प्लांट रोजाना करीब 60 लाख चिप्स तैयार करेगा. इससे गुजरात सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा हब बनेगा और भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को मजबूती मिलेगी.
लखनी तालुका में सार्वजनिक सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी 6000 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे. इनमें हिम्मतनगर-खेड़ब्रह्मा नई रेल लाइन (482 करोड़ रुपये), कनालूस-जामनगर दोहरीकरण और गांधीधाम-आदिपुर मल्टीट्रैकिंग शामिल हैं. साथ ही खेड़ब्रह्मा-अहमदाबाद नई ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई जाएगी. अहमदाबाद में 4,640 करोड़ रुपये के शहरी विकास प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी जाएगी.
पीएम मोदी गुजरात में 5,295 करोड़ रुपये की 44 शहरी विकास परियोजनाओं की नींव रखेंगे, जिसमें जल निकासी, बुनियादी ढांचा और प्रधानमंत्री आवास योजना शामिल हैं. वडनगर में हेरिटेज टाउन और रोड ब्यूटीफिकेशन प्रोजेक्ट का उद्घाटन होगा. पाटन में नया रेलवे ओवरब्रिज खुलने से स्थानीय लोगों को यातायात की भीड़ से राहत मिलेगी.