West Bengal Falta Voting: पश्चिम बंगाल की फलता सीट आज फिर पूरे देश की नजरों में है. भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोबारा मतदान शुरू हो चुका है और हर बूथ पर सख्त निगरानी रखी जा रही है. पिछले चुनाव में हुए विवादों के बाद इस सीट का माहौल पहले से ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है.
सबसे बड़ी चर्चा टीएमसी नेता जहांगीर खान को लेकर हो रही है, जिन्होंने मतदान से ठीक पहले चुनावी मैदान छोड़ दिया. उनके फैसले ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और अब मुकाबला और ज्यादा रोचक बनता दिखाई दे रहा है.
फलता सीट पर अब सीधा मुकाबला बीजेपी के देबांग्शु पांडा और कांग्रेस के अब्दुर रज्जाक मोल्ला के बीच माना जा रहा है. इसके अलावा CPI-M से शंभुनाथ कुर्मी, निर्दलीय उम्मीदवार दीप हाटी और चंद्रकांत राय भी मैदान में हैं. इस सीट पर पहले 29 अप्रैल को मतदान होना था, लेकिन वोटिंग के दौरान धांधली और ईवीएम से जुड़ी शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने मतदान रद्द कर पुनर्मतदान का फैसला लिया.
मंगलवार को टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के चुनावी मैदान छोड़ने के बाद राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल गए हैं. इसके बाद से ही बीजेपी की स्थिति को मजबूत माना जा रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अगर फाल्टा सीट पर बीजेपी जीत दर्ज करती है, तो पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी की कुल सीटें बढ़कर 208 हो जाएंगी, जो राज्य की राजनीति में एक बड़ा संकेत माना जाएगा.
तृणमूल कांग्रेस के नेता जहांगीर खान , जिन्हें लोकप्रिय रूप से 'पुष्पा' कहा जाता है, उन्होंने मतदान से दो दिन पहले फलता के पुन: चुनाव की दौड़ से अपना नाम वापस ले लिया, जिससे पश्चिम बंगाल में तीव्र राजनीतिक अटकलें लगने लगीं. जहां एक ओर टीएमसी ने खान के फैसले से तुरंत खुद को अलग कर लिया और इसे उनका 'निजी फैसला' बताया, वहीं दूसरी ओर फलता में चुनाव के बाद डराने-धमकाने का माहौल होने का आरोप लगाया.
खान, जो फलता अभियान के सबसे चर्चित चेहरों में से एक बन गए थे और अपने स्व-घोषित 'पुष्पा' के विद्रोही व्यक्तित्व के इर्द-गिर्द एक असाधारण छवि गढ़ चुके थे. उन्होंने बार-बार खुद को ऐसे व्यक्ति के रूप में प्रस्तुत किया था जो दबाव के आगे नहीं झुकेगा. तकनीकी रूप से, खान के नामांकन वापस लेने से शायद ही कोई खास फर्क पड़ेगा क्योंकि नामांकन वापस लेने की समय सीमा पहले ही बीत चुकी है और उनका नाम ईवीएम पर बना रहेगा.
चुनाव आयोग ने विधानसभा सीट पर मतदान के लिए सुरक्षा व्यवस्था को लगभग दोगुना कर दिया है, जिस पर पिछले महीने बड़े पैमाने पर ईवीएम में छेड़छाड़ के आरोपों के बाद मतदान का आदेश रद्द कर दिया गया था. पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर आज, 21 मई को पुनर्मतदान हो रहा है. 285 मतदान केंद्रों पर मतदान जारी है.
अधिकारी ने बताया कि फलता विधानसभा क्षेत्र में 285 मतदान केंद्र हैं और सुचारू मतदान सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय बलों की लगभग 35 कंपनियां तैनात की जाएंगी. उन्होंने यह भी बताया कि पुनर्मतदान के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती मूल मतदान दिवस की तुलना में लगभग दोगुनी है.
29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान कुछ बूथों पर ईवीएम पर इत्र, स्याही और चिपकने वाली टेप के इस्तेमाल के आरोप सामने आने के बाद फलता पहले ही चुनाव की सबसे विवादित सीटों में से एक बनकर उभरी थी. भाजपा ने इस पर आपत्ति जताते हुए सार्वजनिक रूप से नए चुनाव की मांग की थी और तर्क दिया था कि निर्वाचन क्षेत्र में हो रहे घटनाक्रमों के लिए हस्तक्षेप आवश्यक है.