नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया कार्यालय 'सेवा तीर्थ' आज से कैबिनेट बैठकों का नया केंद्र बन गया है. आज सुबह 11 बजे यहां केंद्रीय कैबिनेट की पहली बैठक होगी. 13 फरवरी को साउथ ब्लॉक से शिफ्ट होने के बाद यह पहला मौका है. प्रधानमंत्री इन बैठकों को सिर्फ फैसलों तक सीमित नहीं रखते, बल्कि सकारात्मक माहौल बनाने के लिए खास परंपरा चलाते हैं. हर मंत्री को कोई गुड न्यूज बतानी होती है, जिससे टीम में उत्साह और प्रेरणा बनी रहती है.
सेवा तीर्थ में कैबिनेट सचिवालय भी अब पूरी तरह शिफ्ट हो चुका है, जो पहले राष्ट्रपति भवन परिसर में था. इससे कामकाज में आसानी होगी. प्रधानमंत्री आवास भी इसी के पास बन रहा है. नया संसद भवन, पीएमओ और मंत्रालय अब 1-2 किमी के दायरे में होंगे. इससे वीवीआईपी मूवमेंट के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलेगी.
साउथ ब्लॉक में आखिरी बैठक में प्रधानमंत्री ने पुरानी यादें ताजा कीं. उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के बाद नेहरू की पहली चार कैबिनेट बैठकें राष्ट्रपति भवन में हुई थीं. देश के चार बड़े युद्धों की रणनीति भी इसी भवन के वॉर रूम में बनी थी. मंत्रियों को ऐतिहासिक फैसलों की याद दिलाकर उन्होंने भावुक माहौल बनाया.
प्रधानमंत्री कैबिनेट की साप्ताहिक बैठकों में सिर्फ एजेंडे पर ही बात नहीं करते. सप्ताह भर की अहम घटनाओं पर फीडबैक और सुझाव लेते हैं. सबसे खास बात यह है कि हर मंत्री को कोई गुड न्यूज बतानी होती है. यह मंत्रालय की सफलता, जैसे घाटे वाले उपक्रम को लाभ में लाना, या व्यक्तिगत खुशी जैसे राम मोहन नायडू का पिता बनना हो सकती है. इससे मंत्रियों में प्रेरणा बढ़ती है.
यह परंपरा मंत्रियों को आम लोगों से जुड़े फैसलों के लिए प्रोत्साहित करती है. बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों की सफलताएं अक्सर गुड न्यूज के रूप में साझा होती हैं. अनौपचारिक चर्चा में यह हिस्सा जोड़ा जाता है. प्रधानमंत्री का मानना है कि सकारात्मक खबरें सुनकर पूरी टीम में जोश बना रहता है और बेहतर काम होता है.