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India Daily
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PM मोदी का वाराणसी और सूरत दौरा, कई करोड़ की विकास परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ

तमाम विकास परियोजनाओं की शुरुआत करने के लिए 17 और 18 दिसंबर को पीएम मोदी सूरत और वाराणसी के दौरे पर रहने वाले है.

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Avinash Kumar Singh
PM MODI

हाइलाइट्स

  • PM मोदी का 17-18 दिसंबर को सूरत और वाराणसी दौरा
  • कन्‍याकुमारी-वाराणसी तमिल संगमम रेलगाडी को दिखायेंगे हरी झंडी

नई दिल्ली: तमाम विकास परियोजनाओं की शुरुआत करने के लिए 17 और 18 दिसंबर को पीएम मोदी सूरत और वाराणसी के दौरे पर रहने वाले है. पीएम मोदी के कार्यालय की ओर से साझा की गयी जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी विकसित भारत संकल्प यात्रा में भाग लेने के लिए वाराणसी जाने से पहले रविवार को सूरत हवाई अड्डे और सूरत डायमंड बोर्स में नए एकीकृत टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे.

काशी तमिल संगमम के दूसरे चरण का PM मोदी करेंगे उद्घाटन 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को वाराणसी 17 दिसंबर को यानी आज नमो घाट पर काशी तमिल संगमम 2023 के दूसरे चरण का का उद्घाटन करेंगे. यह सांस्कृतिक महोत्सव 17 से 30 दिसंबर तक चलेगा. इस कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपस्थित रहेंगे. अगले दिन 18 दिसंबर को वह एक सार्वजनिक समारोह में स्वर्वेद महामंदिर का उद्घाटन करेंगे और विकसित भारत संकल्प यात्रा में हिस्सा लेंगे. 

मोदी इस रेलगाडी को दिखायेंगे हरी झंडी 

अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दो दिनों के दौरे के दौरान वाराणसी और पूर्वांचल के लिए 19,150 करोड़ रुपये  की 37 परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे. इस अवसर पर प्रधानमंत्री कन्‍याकुमारी-वाराणसी तमिल संगमम रेलगाडी को झंडी दिखायेंगे. वाराणसी मंडल के आयुक्त कौशल राज ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर कहा कि पीएम मोदी के दौरे की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. उनका मुख्य कार्यक्रम विकसित भारत संकल्प यात्रा है.

सात समूहों का नाम भारत की सात पवित्र नदियों के नाम पर

तमिल प्रतिनिधिमंडल का पहला जत्था, जिसमें लगभग 1,400 लोग शामिल हैं. 15 दिसंबर को चेन्नई से रवाना हुए. काशी में रहने के दौरान वो अपने दौरे के कार्यक्रम के अनुसार प्रयागराज और अयोध्या का भी दौरा करेंगे. छात्रों (गंगा), शिक्षकों (यमुना), पेशेवरों (गोदावरी), आध्यात्मिक लोगों(सरस्वती), किसानों और कारीगरों (नर्मदा), लेखकों (सिंधु) और व्यापारियों और व्यावसायियों (कावेरी) के सात समूहों का नाम भारत की सात पवित्र नदियों के नाम पर रखा गया है और ये समूह चेन्नई, कोयम्बटूर और कन्याकुमारी से काशी तक यात्रा करेंगे.

प्रत्येक समूह के लिए 200 लोगों का चयन 

आठ दिसंबर, को समाप्त हुए पंजीकरण के समय के दौरान 42,000 से अधिक पंजीकरण प्राप्त हुए थे. उनमें से चयन समिति की ओर से प्रत्येक समूह के लिए 200 लोगों का चयन किया गया है. शिक्षा मंत्रालय इस आयोजन के लिए नोडल एजेंसी होगा. इसमें संस्कृति, पर्यटन, रेलवे, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण (ओडीओपी), एमएसएमई, सूचना और प्रसारण, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय, आईआरसीटीसी और उत्तर प्रदेश सरकार के संबंधित विभाग की भागीदारी भी रहेगी.