प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गुजरात दौरा आज से शुरू हो रहा है, जिसमें आस्था, विकास और कूटनीति तीनों का संतुलित मेल दिखाई देगा. तीन दिनों के इस कार्यक्रम में राज्य के विभिन्न शहरों में अहम आयोजन तय किए गए हैं.
यह दौरा न केवल गुजरात की सांस्कृतिक पहचान को रेखांकित करता है, बल्कि निवेश, उद्योग और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को भी मजबूती देने का प्रयास है. कार्यक्रमों की श्रृंखला को लेकर प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
10 जनवरी की शाम को प्रधानमंत्री सोमनाथ में ओंकार मंत्र जाप में भाग लेंगे और सोमनाथ मंदिर में ड्रोन शो देखेंगे. अगले दिन सुबह, 11 जनवरी को, वे शौर्य यात्रा में शामिल होंगे, जो मंदिर की रक्षा करने वाले योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए 108 घोड़ों की एक औपचारिक शोभायात्रा है. इसके बाद वे मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे और एक सार्वजनिक समारोह को संबोधित करेंगे.
यह आयोजन 1026 में महमूद गजनी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण के 1000 वर्ष और 1951 में इसके जीर्णोद्धार के पूरा होने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में किया जा रहा है. यह उत्सव मंदिर की रक्षा में किए गए बलिदानों को याद करने के लिए आयोजित किया जा रहा है.
11 जनवरी को प्रधानमंत्री कच्छ और सौराष्ट्र क्षेत्र के लिए आयोजित जीवंत गुजरात क्षेत्रीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए राजकोट जाएंगे. दोपहर लगभग 1:30 बजे वे एक व्यापार प्रदर्शनी का उद्घाटन करेंगे, जिसके बाद दोपहर 2 बजे मारवाड़ी विश्वविद्यालय में सम्मेलन का उद्घाटन होगा.
इस कार्यक्रम के दौरान, वे गुजरात औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड की 14 नई संपत्तियों के विकास की घोषणा करेंगे और राजकोट में एक चिकित्सा उपकरण पार्क का उद्घाटन करेंगे. सिरेमिक, इंजीनियरिंग, बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स तथा हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित इस सम्मेलन का उद्देश्य पश्चिमी गुजरात में निवेश को बढ़ावा देना है. जापान, दक्षिण कोरिया, रवांडा और यूक्रेन इस संस्करण के भागीदार देश हैं.
12 जनवरी को प्रधानमंत्री अहमदाबाद में जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ से मुलाकात करेंगे. चांसलर मर्ज़ की भारत की यह पहली आधिकारिक यात्रा है. दोनों नेता सुबह 9:30 बजे साबरमती आश्रम के दर्शन के साथ अपने कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे, जिसके बाद वे सुबह 10 बजे साबरमती नदी तट पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव में भाग लेंगे.
गांधीनगर के महात्मा मंदिर में सुबह 11:15 बजे से द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है. इस वार्ता में भारत-जर्मनी की 25 वर्ष पुरानी रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की जाएगी, जिसमें व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, सुरक्षा और हरित विकास के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श करेंगे और दोनों देशों के व्यापारिक नेताओं के साथ बातचीत करेंगे.