वंदे मातरम् पर सख्त कानून की तैयारी, संसद के मानसून सत्र में सरकार लाएगी 5 बड़े विधेयक

संसद के मानसून सत्र के लिए सरकार ने पांच नए विधेयकों को सूचीबद्ध किया है. इनमें वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय बनाने और जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमों को सख्त करने वाले प्रस्ताव शामिल हैं, जबकि दो चर्चित संवैधानिक विधेयक सूची में नहीं हैं.

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Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: संसद के आगामी मानसून सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को चर्चा और पारित कराने की तैयारी में है. जारी विधायी एजेंडे में पांच नए विधेयकों को शामिल किया गया है, जिनमें राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने और जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण से जुड़े नियमों को अधिक सख्त करने वाले प्रस्ताव प्रमुख हैं. हालांकि, दो बहुचर्चित संवैधानिक संशोधन विधेयक इस सूची में जगह नहीं बना सके हैं, जिससे राजनीतिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है.

सरकार की ओर से सांसदों को भेजे गए विधायी कार्यक्रम में पांच नए विधेयकों को शामिल किया गया है. इनमें Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 और Registration of Births and Deaths (Amendment) Bill प्रमुख हैं. इनके अलावा आयकर संशोधन, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास से जुड़े संशोधन विधेयक भी सूची का हिस्सा हैं.

वंदे मातरम् से जुड़े कानून में प्रस्तावित बदलाव

राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े 1971 के कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा गया है. इसके तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का अपमान करता है या उसके गायन के दौरान व्यवधान उत्पन्न करता है, तो उसे दंडनीय अपराध माना जाएगा. सरकार का उद्देश्य राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े प्रावधानों को और स्पष्ट तथा प्रभावी बनाना बताया जा रहा है.


जन्म-मृत्यु पंजीकरण के नियम होंगे सख्त

सरकार जन्म और मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था में भी बदलाव करना चाहती है. प्रस्तावित संशोधन के अनुसार, तय समय सीमा के बाद पंजीकरण कराने के मामलों में पहले की तुलना में अधिक कड़े प्रावधान लागू किए जा सकते हैं. इसका मकसद रिकॉर्ड प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाना माना जा रहा है.

दो अहम संवैधानिक विधेयक सूची से बाहर

विधायी एजेंडे में 130वें और 131वें संविधान संशोधन विधेयकों को शामिल नहीं किया गया है. पहला विधेयक किसी भी जनप्रतिनिधि, जिसमें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री भी शामिल हैं, को 30 दिन जेल में रहने की स्थिति में स्वत: पद से हटाने का प्रस्ताव रखता है. यह फिलहाल भाजपा सांसद अपराजिता सारंगी की अध्यक्षता वाली संयुक्त संसदीय समिति के विचाराधीन है. वहीं, लोकसभा सीटों के परिसीमन और महिला आरक्षण लागू करने से जुड़ा 131वां संशोधन विधेयक पिछले सत्र में विपक्ष के विरोध के कारण पारित नहीं हो सका था.

पहले से लंबित विधेयक भी रहेंगे एजेंडे में

सरकार ने नए विधेयकों के अलावा कुछ लंबित प्रस्तावों को भी मानसून सत्र के एजेंडे में रखा है. इनमें बजट सत्र में पेश किया गया Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill शामिल है. इसके साथ Viksit Bharat Shiksha Adhisthan Bill, 2025 भी सूची में है, जिस पर संसद के दोनों सदनों की संयुक्त समिति फिलहाल विचार कर रही है.