जम्मू-कश्मीर में आतंकियों ने एक बार फिर कायराना आतंकी वारदात को अंजाम दिया है. जिसमें करीब 5 जवान शहीद हुए है. वहीं पांच जवान घायल हैं, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए पंजाब के पठानकोट के सैनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. इस घटना को अंजाम देने वाले आतंकियों को खोजने के लिए सेना का सर्च ऑपरेशन जारी है.
अधिकारियों के मुताबिक आतंकियों ने सोमवार दोपहर करीब 3.30 बजे सेना की गाड़ी पर हमला किया था. जब सेना के जवान रूटीन पेट्रोलिंग पर थे. इस दौरान आतंकियों ने पहले सेना की गाड़ी पर ग्रेनेड फेंका उसके बाद फायरिंग शुरू कर दी. सेना के जवानों ने जब जवाबी फायरिंग की तो आतंकवादी पास के जंगल में भाग गए.
जंगल के अंदर आतंकी हमले की सटीक जगह का पता लगाया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक आतंकियों का मकसद ज्यादा से ज्यादा जवानों को हताहत करने का था. वह अपने साथ अत्याधुनिक हथियार लेकर आया था. इलाके में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है. सुरक्षाबलों की तरफ से सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है. हालांकि इस सर्च ऑपरेशन में सेना को फिलहाल कोई सफलता हाथ नहीं लगी है.
#WATCH | J&K: Search operation by security forces is underway in the Machedi area of Kathua.
— ANI (@ANI) July 9, 2024
Indian Army convoy was attacked by terrorists in the Machedi area of Kathua district in J&K yesterday where five soldiers lost their lives. pic.twitter.com/wYDxIr9hoU
वहीं आज यानी मंगलवार को सेना के पैरा कमांडो को कठुआ के दूरदराज के माचिन्डी-मल्हार क्षेत्र में हवाई मार्ग से उतारा गया है. उन्हें काउंटर ऑपरेशन में तैनात किया गया है. ताकि उन आतंकवादियों के खिलाफ समय पर प्रभावी काउंटर ऑपरेशन सुनिश्चित किया जा सके. सूत्रों के अनुसार इस घटना में आतंकवादियों का एक बहुत बड़ा ग्रुप शामिल है. एक रक्षा सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक करीब दो महीने पहले इस क्षेत्र में एक बड़े समूह द्वारा सफल घुसपैठ की सूचना मिली थी.
#WATCH | J&K: Security tightened on Jammu–Srinagar National Highway in Udhampur.
— ANI (@ANI) July 9, 2024
Indian Army convoy was attacked by terrorists in the Machedi area of Kathua district yesterday where five soldiers lost their lives. pic.twitter.com/vnqzWgPiFM
कठुआ शहर के करीब 150 किलोमीटर दूर बदनोटा गांव माचेड़ी और लोहाई मल्हार के बीच में आता है. सुरक्षाबलों का माचेडी में पहले से ही एक बेस था क्योंकि यह इलाका 1990 के दशक के मध्य से 2000 के दशक की शुरुआत तक आतंकवाद का गढ़ था. अधिकारियों ने बताया कि अब आस-पास के जिलों में आतंकवादी गतिविधियों की खबरें आने के बाद सेना उधमपुर जिले के बसंतगढ़ इलाके से सटे लोहाई मल्हार के ऊंचे इलाकों की ओर बढ़ रही है.