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India Daily

'जब खून और पानी साथ नहीं बह सकते, तो क्रिकेट कैसे?' ओवैसी ने केंद्र पर साधा निशाना

संसद के मॉनसून सत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर तीखा हमला बोला. हालिया आतंकी हमलों और उसमें मारे गए नागरिकों के परिजनों की पीड़ा को सामने रखते हुए ओवैसी ने सरकार की पाकिस्तान नीति और क्रिकेट डिप्लोमेसी पर कई कठोर सवाल उठाए. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-पाकिस्तान के बीच संभावित क्रिकेट मैच को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो चुकी है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'जब खून और पानी साथ नहीं बह सकते, तो क्रिकेट कैसे?' ओवैसी ने केंद्र पर साधा निशाना
Courtesy: web

संसद के मॉनसून सत्र में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने सरकार पर तीखा हमला बोला. ओवैसी ने कहा कि खून और पानी साथ नहीं बह सकते, तो क्रिकेट कैसे खेला जा सकता है? उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या वह उन शहीदों के परिवारों से कहेगी कि अब पाकिस्तान से क्रिकेट मैच देखें? ओवैसी ने केंद्र पर तीखा कटाक्ष करते हुए पूछा कि 7.5 लाख जवानों की मौजूदगी में आतंकी कैसे दाखिल हुए? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बदले के नाम पर सिर्फ ऑपरेशन का तमाशा दिखा रही है और जवाबदेही से बच रही है.

ओवैसी ने संसद में कहा कि मेरी आत्मा मुझे पाकिस्तान से क्रिकेट मैच देखने की इजाजत नहीं देती. उन्होंने पूछा कि क्या सरकार बैसारन में मारे गए लोगों के परिवारों से कहेगी कि वे अब भारत-पाकिस्तान का मैच देखें? उन्होंने केंद्र की उस नीति पर सवाल उठाया जिसमें कहा जाता है कि खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते, लेकिन वहीं दूसरी ओर क्रिकेट खेलने की बात की जाती है.

'क्या शहीदों से कहेंगे बदला पूरा हो गया'

असदुद्दीन ओवैसी ने हाल ही में हुए पहलगाम हमले का जिक्र करते हुए सरकार से सीधा सवाल किया कि क्या वह 25 मरे हुए नागरिकों से कहेगी कि हमने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए बदला ले लिया है? उन्होंने इसे बेहद शर्मनाक करार देते हुए कहा कि जब हमारे नागरिक मारे जा रहे हैं, उस समय सरकार को खेल की नहीं, जवाबदेही की बात करनी चाहिए. ओवैसी का यह बयान संसद में चर्चा के केंद्र में आ गया.

'7.5 लाख जवान, फिर भी चूक कैसे हुई'

ओवैसी ने हैरानी जताते हुए कहा कि भारत के पास 7.5 लाख सेना और अर्धसैनिक बल हैं, फिर चार आतंकी कैसे घुस आए? उन्होंने यह सवाल उठाया कि आखिर सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई और इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल सैन्य ऑपरेशन की तस्वीरें दिखाकर जनता को बहलाने की कोशिश कर रही है, जबकि असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है.

'क्रिकेट खेलना या जवाबदेही से बचना'

AIMIM सांसद ने कहा कि सरकार की नीति में स्पष्टता नहीं है. एक ओर पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख दिखाने की बात होती है, तो दूसरी ओर उसी पाकिस्तान से क्रिकेट खेलने की तैयारी की जाती है. उन्होंने दो टूक कहा कि सरकार को यह तय करना होगा कि वह शहीदों की पीड़ा कr समझेगी या सिर्फ अंतरराष्ट्रीय संबंधों की आड़ में सब कुछ ढकने की कोशिश करेगी. विपक्ष के कुछ नेताओं ने उनके बयान का समर्थन किया है.