नई दिल्ली: भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पाकिस्तान को सख्त संदेश देते हुए कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है और किसी भी भविष्य की दुस्साहसिक कार्रवाई का प्रभावी जवाब दिया जाएगा. वर्ष 2025 में शुरू किए गए इस ऑपरेशन को लेकर सेना पूरी तरह सतर्क और तैयार है. यह बयान उन्होंने वर्ष 2026 की अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया.
जनरल द्विवेदी ने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में शुरू किया गया था. यह कार्रवाई जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के जवाब में की गई थी. इस हमले को द रेजिस्टेंस फ्रंट ने अंजाम दिया था, जो पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का सहयोगी संगठन है. इस हमले में कई निर्दोष लोगों की जान गई थी.
#WATCH | Delhi: Indian Army Chief General Upendra Dwivedi says, "As you may be aware, Operation Sindoor remains ongoing, and a future misadventure will be resolutely responded to. I must acknowledge the proactive role of all stakeholders at the national level, including CAPFs,… pic.twitter.com/HooY8OfHyj
— ANI (@ANI) January 13, 2026
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया. सेना के अनुसार इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया. इसके बाद पाकिस्तान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए, जिन्हें भारत ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया.
जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान के कई एयरफील्ड्स को भी निशाना बनाया. दोनों देशों के बीच 10 मई को सीजफायर की घोषणा हुई थी.
सेना प्रमुख ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर स्पष्ट राजनीतिक निर्देशों और तीनों सेनाओं के बेहतर तालमेल का बेहतरीन उदाहरण है. उन्होंने बताया कि 7 मई को केवल 22 मिनट में ऑपरेशन की शुरुआत हुई और यह रणनीतिक कार्रवाई 88 घंटे तक चली. इस दौरान कुल नौ लक्ष्यों में से सात को पूरी तरह नष्ट किया गया. उन्होंने यह भी कहा कि सेना जमीनी कार्रवाई के लिए भी पूरी तरह तैयार थी.
जनरल द्विवेदी के अनुसार सीजफायर के बाद पश्चिमी सीमा और जम्मू कश्मीर में हालात संवेदनशील जरूर हैं, लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में हैं. उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 में कुल 31 आतंकियों को मार गिराया गया, जिनमें से 65 प्रतिशत पाकिस्तानी नागरिक थे. पहलगाम हमले के तीनों आतंकी ऑपरेशन महादेव के तहत मारे गए.
सेना प्रमुख ने कहा कि जम्मू कश्मीर में अब सक्रिय स्थानीय आतंकियों की संख्या एक अंक में आ गई है. आतंकियों की भर्ती लगभग खत्म हो चुकी है और पूरे वर्ष में केवल दो नए मामलों की पुष्टि हुई. उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में तेजी, पर्यटन की वापसी और शांतिपूर्ण अमरनाथ यात्रा इस बदलाव के साफ संकेत हैं.