ओडिशा: जब ओडिशा के एक अस्पताल में एक दिव्यांग युवती ने एक बच्ची को जन्म दिया, तो डॉक्टरों ने शुरू में इसे एक सामान्य मामला ही समझा लेकिन कुछ ही घंटों बाद एक ऐसा राज सामने आया जिसने न सिर्फ अस्पताल प्रशासन को बल्कि पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया. नवजात बच्ची किसी बाहरी व्यक्ति की नहीं बल्कि उस युवती के अपने पिता की ही संतान निकली. जांच के दौरान सामने आई इस खौफनाक सच्चाई ने पारिवारिक रिश्तों की पवित्रता को ही शर्मसार कर दिया है.
रिपोर्ट के अनुसार आरोपी को ओडिशा के ढेंकनाल जिले से गिरफ्तार किया गया है. उस पर अपनी ही दिव्यांग बेटी के साथ जघन्य कृत्य करने का आरोप है. यह घटना जिले के रसोल पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई. यह मामला तब सामने आया जब परिवार वालों ने पीड़िता के शरीर में कुछ शारीरिक बदलाव देखे. जब उन्होंने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, तो उसके गर्भवती होने का सच सामने आया.
आरोप है कि आरोपी काफी समय से अपनी बेटी की कमजोरी का फायदा उठा रहा था. परिवार ने पीड़िता को ढेंकनाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां बाद में उसने एक बच्ची को जन्म दिया. पुलिस ने पुष्टि की है कि जांच जारी है और 59 वर्षीय आरोपी रहस सेठी को हिरासत में ले लिया गया है.
जैसे ही यह सच सामने आया पीड़िता की मां ने अपने पति के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई. शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कदम उठाया और आरोपी को कानून की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया. प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
गंजम जिले की एक 20 साल की महिला जिसने कथित तौर पर रेप की शिकायत दर्ज कराने के ठीक एक दिन बाद खुद को आग लगा ली थी, अब इस दुनिया में नहीं रही. MKCG मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में पांच दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद उसने दम तोड़ दिया.
पुलिस ने बताया कि महिला ने कथित तौर पर 28 मार्च को अपने घर के पीछे खुद को आग लगा ली थी. यह घटना स्थानीय पुलिस थाने में 21 साल के एक युवक के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराने के ठीक एक दिन बाद हुई थी.