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India Daily

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ NIA का एक्शन, जमात-ए-इस्लामी के कई अड्डों पर पड़ा रेड

जम्मू-कश्मीर में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी NIA ने जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है. जिसके तहत कई जगहों पर छापेमारी की गई है.

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Edited By: Shanu Sharma
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ NIA का एक्शन, जमात-ए-इस्लामी के कई अड्डों पर पड़ा रेड
Courtesy: X (@ani_digital)

जम्मू-कश्मीर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी की ओर से सोमवार को जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ एक बड़ा ऑपरेशन शुरू किया गया है. जिसके तहत सेंट्रल और साउथ कश्मीर में कई जगहों पर एकसाथ छापेमारी की जा रही है.

सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक श्रीनगर के लाल बाजार और शोपियां जिले के कुछ हिस्सों समेत कई इलाकों में छापेमारी की जा रही है. NIA को सूत्रों द्वारा इनपुट मिलने के बाद इस ऑपरेशन को शुरू किया गया है. बता दें  कि इस संगठन को फरवरी 2024 में दोबारा आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था.

सूत्रों से मिली जानकारी पर एक्शन शुरू

NIA के सूत्रों ने एजेंसी को जानकारी दी कि एक बार फिर से जम्मू और कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियां और भारत-विरोधी बातों को जमात-ए-इस्लामी संगठन द्वारा सक्रिय करने की कोशिशें की जा रही हैं. जिसके बाद एजेंसी की ओर से संगठन से जुड़े कई जगहों पर छापेमारी की गई है.

जमात-ए-इस्लामी पर आतंकवाद से जुड़ी गतिविधियों, अलगाववाद और भारत-विरोधी प्रचार में शामिल होने का आरोप है. इन्हीं आरोपों की वजह से केंद्र सरकार द्वारा फरवरी 2024 में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत जमात-ए-इस्लामी को आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था और अगले 5 सालों के लिए बैन लगाया गया था. हालांकि इससे पहले भी 2019 में केंद्र सरकार द्वारा संगठन को गैर-कानूनी संगठन घोषित किया गया था.

भारत में आतंकवाद की कोई जगह नहीं

MHA का कहना है कि जमात-ए-इस्लामी आतंकी संगठनों के साथ करीबी संपर्क में है. इस संगठन पर आरोप है कि यह जम्मू और कश्मीर में लगातार उग्रवाद और आतंकवाद को बढ़ाने में समर्थन कर रहा है. यह भारतीय क्षेत्र के एक हिस्से को अलग करने की मांगों का समर्थन कर रहा है. साथ ही ऐसे संगठनों को समर्थन देता है जो आतंकवादी और अलगाववादी समूहों का समर्थन कर रहे हैं.

केंद्रीय गृहमंत्री ने 2024 में इस संगठन पर प्रतिबंधों को बढ़ाते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का पालन किया जाएगा. उन्होंने साफ ऐलान किया कि देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.