नई दिल्ली: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने भारत में आतंकी गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई की है. NIA ने 2022 के आतंकी साजिश मामले में एक नई चार्जशीट दाखिल की है. यह चार्जशीट 23वें आरोपी के खिलाफ दाखिल की गई है. बता दें कि इस मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग और बैन संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) शामिल हैं.
NIA ने सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष NIA अदालत में मामले RC-39/2022/NIA/DLI में छठी सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की. इसमें आरोपी अर्जित कुमार उर्फ अजीत को IPC और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम [UAPA] की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपी बनाया गया है. अरजीत के बाद अब कुल आरोपियों की संख्या 23 हो गई थी. इनमें से लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों ने 20 संदिग्झों को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, तीन अब भी फरार हैं.
यह मामला अगस्त 2022 से जुड़ा है. जब दिल्ली पुलिस ने एक स्पेशल सेल बनाई थी, तब इस मामले को दर्ज किया गया था. इस मामले से नेशनल सिक्योरिटी दांव पर लगी थी. ऐसे में NIA ने इसकी जांच को अपने हाथ में ले लिया. इस मामले में एक बड़ा आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ था. इसमें बिश्नोई सिंडिकेट और बैन संगठन BKI शामिल हैं.
NIA ने इस मामले की जांचु शुरू की और उसके अनुसार, अरजीत ने भी इस मामले में एक खास भूमिका निभाई थी. जांच से पता चला है कि उसने कथित तौर पर अपने सह-आरोपियों के साथ मिलकर गैंग के सदस्यों को लॉजिस्टिक में मदद देने की साजिश रची थी. साथ ही इनके विदेश भागने में भी मदद की थी.
बता दें कि इस पूरे ऑपरेशन का सबसे अहम हिस्सा नकली पासपोर्ट और फेक वीजा था, जिसका इंतजाम किया गया था. NIA ने यह भी साबित कर दिया था कि इन फेक ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स का इस्तेमाल उन लोगों के भारत से बाहर भागने के लिए भी हुआ है, जो इस गैंग के प्रमुख सदस्यों के तौर पर काम करते हैं.
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