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पाकिस्तान की करेंसी के मुकाबले भी टूटा रुपया? 10 साल के आंकड़ों ने खोल दी पूरी सच्चाई

भारत में हाल ही में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और मिडिल ईस्ट में चल रही टेंशन की वजह से भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले काफी कमजोर हुआ है. हाल ही में यह रिकॉर्ड गिरावट के साथ प्रति डॉलर 96.38 के स्तर पर पहुंच गया है. 

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
पाकिस्तान की करेंसी के मुकाबले भी टूटा रुपया? 10 साल के आंकड़ों ने खोल दी पूरी सच्चाई
Courtesy: ai generated

नई दिल्ली: इस साल की शुरुआत में हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद से रुपया 5% से ज्यादा टूट चुका है जबकि सिर्फ एक हफ्ते में इसमें 2.2% की गिरावट देखी गई है. रुपए की इस कमजोरी को देखकर सोशल मीडिया पर कई लोग यह दावा करने लगे हैं कि भारतीय रुपया अब पाकिस्तानी रुपए से भी कमजोर हो गया है. लेकिन अगर हम पिछले 10 सालों के आंकड़ों को देखें तो हकीकत कुछ और ही बयां करती है.

पिछले 10 सालों का रुपये का सफर

साल 2016 में एक भारतीय रुपया लगभग 1.56 पाकिस्तानी रुपए के बराबर था. इसके बाद पाकिस्तान में राजनीतिक उथल-पुथल भारी महंगाई और विदेशी मुद्रा भंडार की कमी के कारण वहां की करेंसी लगातार गिरती रही है. दूसरी तरफ भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूती से आगे बढ़ती रही है. वहीं साल 2023-2024 की बात करें तो स्थिति यह हो गई कि एक भारतीय रुपया 3.34 पाकिस्तानी रुपए तक पहुंच गया था. यानी पिछले एक दशक में पाकिस्तान के मुकाबले भारतीय रुपए की वैल्यू करीब दोगुनी हो गई थी

हाल में हुए बदलाव का असर

हालांकि पिछले एक साल में इस ट्रेंड में थोड़ा बदलाव आया है. मई 2026 तक आते-आते एक भारतीय रुपए की कीमत 3.34 PKR से घटकर करीब 2.89 PKR रह गई है जो कि लगभग 12% की गिरावट है. इसकी वजह यह है कि पाकिस्तान को IMF से बेलआउट पैकेज मिला और वहां की सरकार ने कुछ कड़े आर्थिक कदम उठाए जिससे उनकी करेंसी को थोड़ा सहारा मिला है. 

एशियाई देशों की करेंसी के मुकाबले कमजोर प्रदर्शन

वहीं दूसरी तरफ मजबूत होते अमेरिकी डॉलर और ग्लोबल मार्केट के उतार-चढ़ाव की वजह से भारत सहित कई एशियाई देशों की करेंसी पर दबाव बना हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक 2025 और 2026 में चीनी युआन, सिंगापुर डॉलर और मलेशियन रिंगिट जैसी करेंसी के मुकाबले भारतीय रुपया सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली एशियाई करेंसीज में से एक रहा है.

अब भी पाकिस्तानी करेंसी से मजूबत

भले ही हाल-फिलहाल में भारतीय रुपए में कुछ गिरावट आई हो लेकिन अगर लंबे समय यानी पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड देखा जाए तो भारतीय रुपया पाकिस्तानी रुपए के मुकाबले आज भी बहुत मजबूत स्थिति में है. सोशल मीडिया के दावों में कोई सच्चाई नहीं है.