UN Map Controversy: संयुक्त राष्ट्र के नए नक्शे को लेकर भारत और चीन से जुड़ा सीमा मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है. नक्शे में अरुणाचल प्रदेश की नागालैंड से सीमा नहीं दिखाई गई. वहीं अक्साई चिन को अलग क्षेत्र बताया गया है. भारत ने ऐसे किसी भी गलत या भ्रामक नक्शे को स्वीकार नहीं करने की बात कही है.
यह मानचित्र पहली बार 1 जुलाई को संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सामने आया था. इसमें अरुणाचल प्रदेश को असम और चीन से जुड़ा अलग राज्य दिखाया गया. वहीं नागालैंड के साथ उसकी सीमा हटा दी गई. नक्शे में अक्साई चिन को भी अलग क्षेत्र के रूप में दिखाया गया है, जिसकी एक तरफ भारत और दूसरी तरफ चीन की सीमा बताई गई है. संयुक्त राष्ट्र ने इन बदलावों के पीछे कोई कारण नहीं बताया है. नक्शे में जम्मू-कश्मीर के पास डॉटेड लाइन भी है, जिसे LoC का लगभग चित्रण बताया गया है.
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 4 सितंबर को अफ्रीकी संघ के समर्थन वाले ‘Correct the Map’ प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. इसका उद्देश्य पुराने मर्केंटर प्रोजेक्शन की कमियों को दूर करना और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों का आकार ज्यादा सही तरीके से दिखाने वाले समान-क्षेत्र नक्शों को बढ़ावा देना है. प्रस्ताव में खास तौर पर अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और दक्षिण एशिया जैसे क्षेत्रों के बेहतर चित्रण पर जोर दिया गया. यह प्रस्ताव बाध्यकारी नहीं है लेकिन बहुपक्षीय संस्थानों में इसके आधार पर नक्शों के इस्तेमाल की उम्मीद जताई जा रही है.
भारत ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था लेकिन विदेश मंत्रालय ने साफ किया था कि उसका वोट किसी खास नक्शे, प्रोजेक्शन या सीमा के चित्रण के समर्थन में नहीं है. मंत्रालय ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख समेत भारत का संप्रभु क्षेत्र आधिकारिक भारतीय नक्शे के अनुसार ही दिखाया जाना चाहिए. भारत का कहना है कि अक्साई चिन समेत पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न हिस्सा है. वहीं अरुणाचल प्रदेश को भी भारत अपने क्षेत्र का अभिन्न हिस्सा मानता है. नए नक्शे पर नई दिल्ली ने अभी कोई टिप्पणी नहीं की है.