नई दिल्ली: मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर से पुलिस ने दो संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है. पुलिस के मुताबिक, इनमें एक व्यक्ति ने खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय का अधिकारी बताया था. जांच के दौरान उसके पास मौजूद पहचान पत्र फर्जी पाया गया. उसके साथ मौजूद दूसरे व्यक्ति के पास बंदूक मिलने की बात भी सामने आई है.
मुंबई पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान 24 वर्षीय रोहन पारेख के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि उसने सुरक्षा जांच के दौरान खुद को PMO का अधिकारी बताया था. उसके पास प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ा होने का दावा करने वाला पहचान पत्र मिला, लेकिन जांच में यह दस्तावेज फर्जी निकला.
पुलिस के अनुसार, रोहन पारेख अकेला नहीं था. उसके साथ एक बॉडीगार्ड भी मौजूद था. जांच के दौरान बॉडीगार्ड के पास बंदूक मिलने की जानकारी सामने आई है. फर्जी पहचान पत्र और हथियार के साथ दोनों के NMACC परिसर तक पहुंचने को लेकर सुरक्षा एजेंसियां अब पूरे मामले की कड़ियां जोड़ रही हैं.
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू कर दी है. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों संदिग्ध वहां किस उद्देश्य से पहुंचे थे. उनके पास फर्जी पहचान पत्र कैसे आया और हथियार लेकर परिसर में पहुंचने की कोशिश के पीछे क्या मकसद था, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं.
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर में ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 का उद्घाटन करने वाले हैं. प्रधानमंत्री कार्यक्रम को संबोधित भी करेंगे. ऐसे में NMACC से दो संदिग्धों की हिरासत ने इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी है.
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि दोनों संदिग्ध NMACC तक किस तरह पहुंचे और क्या उन्होंने किसी सुरक्षा व्यवस्था को पार किया था. हालांकि, उनके मकसद को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है. क्राइम ब्रांच की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि फर्जी PMO पहचान पत्र और बंदूक के साथ पहुंचने के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था.