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'नाम नहीं, कर्म है नेहरू की पहचान...', नेहरू मेमोरियल का नाम बदले जाने पर बोले राहुल

Nehru Memorial: कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भी नाम बदले जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि सरकार ने नेहरू जी का नाम दबाने के लिए नेहरू मेमोरियल म्यूजियम का नाम बदला है.

Gyanendra Tiwari
'नाम नहीं, कर्म है नेहरू की पहचान...', नेहरू मेमोरियल का नाम बदले जाने पर बोले राहुल

नई दिल्ली. केन्द्र सरकार ने नेहरू मेमोरियल म्यूजियम का नाम बदल दिया है. अब यह पीएम म्यूजियम एंड लाइब्रेरी (PMML) के नाम से जाना जाएगा.  इसके नाम बदलने जाने की औपचारिक घोषणा होने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. 

राहुल गांधी ने  कहा है कि पंडित नेहरू की पहचान उनके नाम से नहीं. उनके काम से है. 

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नेहरू मेमोरियल म्यूजियम का नाम बदले जाने पर बयान देने के बाद राहुल गांधी लद्दाख के लिए रवाना हुए.

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भी नाम बदले जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि सरकार ने नेहरू जी का नाम दबाने के लिए नेहरू मेमोरियल म्यूजियम का नाम बदला है. PMML का अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा को बनाया गया है. वह पूर्व में पीएम मोदी के मुख्य सचिव रह चुके हैं.

स्वतंत्रता दिवस के दिन  सरकार ने नेहरू मेमोरियल का नाम बदलने का ऐलान किया था. अब इसे औपचारिक रूप भी दे दिया गया है. सरकार के इस फैसले से कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने सरकार को घेरा है. उनका कहना है कि मोदी सरकार पंडित जवाहरलाल नेहरू की विरासत मिटाने का प्रयास कर रही है.

तीन मूर्ति भवन ब्रिटिश राज में भारत के कमांडर इन चीफ का आधिकारिक आवास हुआ करता था. 1948 में ये आवास प्रधानमंत्री नेहरू को हो गया था. वो 16 साल तक इसी घर में रहे थे. पीएम नेहरू ने अंतिम सांस इसी घर में ली थी.

प्रधानमंत्री नेहरू की याद में तीन मूर्ति भवन को उनकी याद में 14 नवंबर, 1964 को जवाहरलाल नेहरू की 75वीं जयंती पर  पंडित नेहरू म्यूजियम एंड मेमोरियल कर दिया गया था. अब मोदी सरकार ने इसका नाम बदलकर पीएम म्यूजियम एंड सोसाइटी कर दिया.

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