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India Daily

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026: देश के 108 शहरों की हवा सुधरी, बड़े शहरों में लखनऊ ने मारी बाजी

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत देश के 108 शहरों की हवा में सुधार हुआ है. स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ, राउरकेला और कलिंगानगर ने अपनी श्रेणियों में बाजी मारी है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026: देश के 108 शहरों की हवा सुधरी, बड़े शहरों में लखनऊ ने मारी बाजी
Courtesy: @PIB_India

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत देश के 130 में से 108 शहरों की हवा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है. अंतरराष्ट्रीय स्वच्छ वायु दिवस पर पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026' के नतीजों के अनुसार, 72 शहरों में PM10 के स्तर में 20 प्रतिशत से अधिक और 26 शहरों में 40 प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है. हालांकि, केवल 14 शहर ही राष्ट्रीय परिवेशी वायु गुणवत्ता मानकों (NAAQS) को पूरी तरह हासिल कर पाए हैं.

बड़े शहरों में लखनऊ का शानदार प्रदर्शन

10 लाख से अधिक आबादी वाले बड़े शहरों की श्रेणी में लखनऊ ने पहला, इंदौर ने दूसरा और जबलपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया. लखनऊ में PM10 के स्तर में 46.64 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. शहर में 1,093 ई-वाहनों से डोर-टू-डोर कूड़ा उठाने, 97 मैकेनिकल रोड स्वीपर मशीनों के उपयोग, 18.5 लाख टन पुराने कचरे के प्रसंस्करण और 2,550 टन दैनिक क्षमता वाले वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट जैसी पहलों से यह सफलता मिली.

मध्यम और छोटे शहरों में इन्होंने मारी बाजी

3 से 10 लाख की आबादी वाले मध्यम शहरों में राउरकेला प्रथम, फिरोजाबाद द्वितीय और अमरावती तृतीय स्थान पर रहे. फिरोजाबाद में PM10 का स्तर 59.5 प्रतिशत घटा. 3 लाख से कम आबादी वाले छोटे शहरों में ओडिशा का दबदबा रहा, जहां कलिंगानगर, अंगुल और तालचेर क्रमशः शीर्ष तीन स्थानों पर रहे. राष्ट्रीय स्तर पर वार्ड श्रेणी में लखनऊ का वार्ड-70 अव्वल रहा, जबकि दिल्ली के पश्चिमी पंजाबी बाग और रोहिणी-ए जैसे वार्डों ने भी राज्य स्तर पर बेहतर प्रदर्शन किया.

जनभागीदारी और 16,425 करोड़ का बजट

एनजीटी (NGT) के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए सिर्फ तकनीक नहीं, बल्कि समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है. पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, NCAP के तहत 130 शहरों को प्रदर्शन के आधार पर 16,425 करोड़ की ग्रांट जारी की गई है ताकि इस मुहिम को जन-आंदोलन का रूप दिया जा सके.