menu-icon
India Daily

'लगता है मेरे रिटायरमेंट का इंतजार है', अरावली केस में CJI सख्त, कमेटी की मोहलत खारिज

अरावली मामले में सुप्रीम कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति की 6 महीने की मोहलत खारिज कर दी. सीजेआई सूर्यकांत की तल्ख टिप्पणी के बाद कोर्ट ने 30 नवंबर तक रिपोर्ट मांगी है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
'लगता है मेरे रिटायरमेंट का इंतजार है', अरावली केस में CJI सख्त, कमेटी की मोहलत खारिज
Courtesy: ANI

अरावली पहाड़ियों की सुरक्षा और परिभाषा तय करने से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. शीर्ष अदालत ने मामले की समीक्षा कर रही उच्चाधिकार प्राप्त विशेषज्ञ समिति की 6 महीने की अतिरिक्त मोहलत मांगने की याचिका को खारिज कर दिया. सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है जैसे कमेटी बिना विचार किए समय मांग रही है और उनके सेवानिवृत्त होने का इंतजार कर रही है.

30 नवंबर तक रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश

अदालत ने विशेषज्ञ समिति को दिन-रात काम करके 30 नवंबर तक अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है. कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि इस समय सीमा के बाद आगे कोई मोहलत नहीं दी जाएगी. इसके साथ ही समिति को राजस्थान और गुजरात के आदिवासी समुदायों सहित सभी प्रभावित पक्षों की सुनवाई करने का निर्देश दिया गया है. कोर्ट आवश्यकता अनुसार अंतरिम रिपोर्ट भी स्वीकार करेगा. मामले की अगली सुनवाई 2 दिसंबर को तय की गई है.

पांच सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन

पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने इस वर्ष जून में भारतीय वानिकी अनुसंधान और शिक्षा परिषद (ICFRE) के महानिदेशक की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय समिति गठित की थी. इसमें विशेषज्ञों के साथ पर्यावरण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं. कोर्ट का मानना था कि बिना विशेषज्ञों के मूल्यांकन के पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील मुद्दों पर कोई भी दूरगामी निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए.

अरावली के संरक्षण पर स्वत: संज्ञान

सुप्रीम कोर्ट ने अरावली की परिभाषा में बदलाव की कोशिशों और पर्यावरण समूहों के विरोध के बाद इस मामले पर स्वतः संज्ञान लिया था. अरावली श्रृंखला थार मरुस्थल के प्रसार को रोकने और भूजल स्तर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. आशंका जताई गई थी कि सुरक्षा मानकों में ढील देने से इस संरक्षित क्षेत्र में अवैध खनन और निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है.