Maharashtra News: NCP(SP) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की महाविकास अघाड़ी (MVA) को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में 170 से अधिक सीटेंमिलेंगी. पाटिल ने इसके पीछे की वजह भी बताई,उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के लोग 'विश्वासघात और धोखाधड़ी से नफरत करते हैं.
पुणे जिले के जुन्नार और मंचर में अपनी पार्टी की शिव स्वराज्य यात्रा' में कहा कि हमारा गठबंधन 170 से ज़्यादा सीटें जीतेगा क्योंकि राज्य के लोग विश्वासघात और धोखाधड़ी से नफरत करते हैं. अगली सरकार हमारी होगी और हम ठोस और दीर्घकालिक कल्याणकारी योजनाओं के साथ सुशासन प्रदान करेंगे.
महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव अक्टूबर में होने की संभावना है. 2019 के चुनावों के बाद जिसमें भाजपा-शिवसेना ने सत्तारूढ़ गठबंधन के रूप में चुनाव लड़ा और जीत हासिल की, मुख्यमंत्री पद को लेकर विवाद के कारण लंबे समय से साझेदार रहे दोनों दल अलग-अलग हो गए. शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर एमवीए का गठन किया और पार्टी सुप्रीमो उद्धव ठाकरे ने मुख्यमंत्री का पद संभाला.
हालांकि जून 2022 में शिवसेना के एकनाथ शिंदे ने ठाकरे के खिलाफ विद्रोह कर दिया जिससे एमवीए सरकार गिर गई. शिंदे ने पार्टी को भी तोड़ दिया. बीजेपी के समर्थन से शिंदे मुख्यमंत्री बने. चुनाव आयोग ने उनके गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दी है. वहीं, ठाकरे के नेतृत्व वाला समूह शिवसेना (यूबीटी) के रूप में कार्य कर रहा है.
फिर अगले साल जुलाई में शरद पवार के भतीजे अजित पवार ने एनसीपी में भी खेल किया जो शिंदे ने किया था. ऐसा करके वे महाराष्ट्र में बीजेपी-शिंदे सेना की सरकार में डिप्टी सीएम बन गए. अजित के कदम से एनसीपी में विभाजन हो गया. अजित गुट के पास असली एनसीपी है जबकि शरद गुट के पास एनसीपी (एसपी) है. साल 2024 के लोकसभा चुनावों में एमवीए ने राज्य की 48 संसदीय सीटों में से 30 पर जीत हासिल की. वहीं, महायुती (बीजेपी-शिंदे सेना-एनसीपी) को केवल 17 सीटें मिलीं.