मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के विक्रोली इलाके में गणतंत्र दिवस की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब एक दर्दनाक हादसे में तीन साल की बच्ची की जान चली गई. सड़क किनारे लगाए गए दो लाउडस्पीकर अचानक गिर पड़े और खेल रही बच्ची उनकी चपेट में आ गई. स्थानीय लोगों ने आयोजन में भारी लापरवाही का आरोप लगाया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
यह हादसा सोमवार सुबह विक्रोली के आंबेडकर नगर इलाके में हुआ. गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के लिए सड़क के दोनों ओर बॉक्स लाउडस्पीकर लगाए गए थे. उसी दौरान तीन साल की जान्हवी राजेश सोनकर सड़क पर खेल रही थी. तभी एक व्यक्ति पुराने कपड़ों का बोझ उठाकर वहां से गुजरा और कुछ ही पलों में स्थिति बेकाबू हो गई.
विक्रोली पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि कपड़ों का बोझ लाउडस्पीकर के तारों में उलझ गया. इससे सड़क के दोनों ओर खड़े दो लाउडस्पीकर एक के बाद एक गिर पड़े. बच्ची संभल भी नहीं पाई और दोनों स्पीकर उसके ऊपर आ गिरे. मौके पर मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही गंभीर हादसा हो चुका था.
स्थानीय लोग बच्ची को तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. बच्ची की मौत की खबर सुनते ही परिवार बेसुध हो गया. आसपास मौजूद लोग भी इस दर्दनाक दृश्य से स्तब्ध नजर आए. पूरे इलाके में शोक का माहौल फैल गया.
स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि सार्वजनिक सड़क पर भारी लाउडस्पीकर बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के लगाए गए थे. न तो तारों को सुरक्षित तरीके से बांधा गया था और न ही वहां बच्चों की आवाजाही को रोका गया. लोगों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी इस मासूम की जान बचा सकती थी.
पुलिस ने इस मामले में स्थानीय मंडल के अध्यक्ष विनोद परमार और पुराने कपड़ों के कबाड़ी सैयद गुरान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. दोनों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है. पुलिस का कहना है कि लापरवाही की पूरी जांच की जा रही है और जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी.