मुंबई की लोकल ट्रेनें लाखों लोगों के लिए जीवनरेखा हैं, लेकिन इसी भीड़भाड़ में कभी-कभी हिंसा की खौफनाक तस्वीर भी सामने आ जाती है. मलाड रेलवे स्टेशन पर एक कॉलेज प्रोफेसर की सरेआम हत्या ने यात्रियों को झकझोर दिया है. मामूली कहासुनी से शुरू हुआ विवाद कुछ ही पलों में जानलेवा हमले में बदल गया. इस घटना ने सार्वजनिक परिवहन में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
शनिवार को मालाड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 और 2 पर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब खून से लथपथ एक व्यक्ति जमीन पर गिर पड़ा. मृतक की पहचान विले पार्ले स्थित एक प्रतिष्ठित कॉलेज में प्रोफेसर आलोक सिंह के रूप में हुई. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमला इतना अचानक था कि लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी भीड़ में गायब हो गया.
पुलिस जांच में सामने आया है कि आलोक सिंह और आरोपी ओंकार शिंदे एक ही लोकल ट्रेन से यात्रा कर रहे थे. ट्रेन से उतरने और चढ़ने को लेकर गेट के पास दोनों के बीच बहस हो गई. मुंबई की लोकल में यह आम बात है, लेकिन इस बार विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. स्टेशन पर उतरते ही आरोपी ने आपा खो दिया.
जैसे ही दोनों प्लेटफॉर्म पर पहुंचे, ओंकार शिंदे ने अचानक चाकू निकाला और आलोक सिंह के पेट पर कई वार कर दिए. गंभीर रूप से घायल प्रोफेसर वहीं गिर पड़े और कुछ ही देर में उनकी मौत हो गई. हमले के बाद आरोपी मौके से भाग निकला, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई.
बोरीवली जीआरपी ने तुरंत जांच शुरू की और स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले. फुटेज में सफेद शर्ट और नीली जींस पहने एक युवक फुट ओवर ब्रिज से भागते हुए दिखाई दिया. तकनीकी जानकारी और वीडियो के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे वसई से गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस का कहना है कि शुरुआती वजह गेट को लेकर हुआ विवाद ही है, लेकिन हमले की क्रूरता कई सवाल खड़े करती है. अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि कहीं आरोपी किसी मानसिक दबाव में तो नहीं था या कोई और कारण इस हिंसा के पीछे छिपा है. मृतक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और जांच जारी है.