भारतीय जनता पार्टी को तिरुवनंतपुरम कॉर्पोरेशन चुनावों में सफलता मिली है. इसके बाद अब बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन केरल विधानसभा चुनावों के लिए नई और व्यावहारिक रणनीति पर काम कर रहा है. पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बार राज्यव्यापी लहर बनाने के बजाय उन क्षेत्रों पर फोकस किया जाएगा, जहां पार्टी का सामाजिक आधार मजबूत है और जीत की संभावनाएं वास्तविक मानी जा रही हैं.
भाजपा नेतृत्व का आकलन है कि केरल जैसे राजनीतिक रूप से जटिल राज्य में संसाधनों का लक्ष्यबद्ध उपयोग ही बेहतर परिणाम दे सकता है. इसी सोच के तहत पार्टी ने चुनिंदा सीटों पर सघन अभियान की रणनीति अपनाने का संकेत दिया है. पार्टी का मानना है कि जिन क्षेत्रों में संगठनात्मक ढांचा और वोट बैंक पहले से मौजूद है, वहीं निर्णायक बढ़त बनाई जा सकती है.
प्राथमिकता वाली सीटों पर उम्मीदवारों के चयन और चुनावी खाके को अंतिम रूप देने के लिए राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के राज्य दौरे प्रस्तावित हैं. केरल के प्रभारी राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े के जल्द पहुंचने की संभावना है, जबकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन फरवरी की शुरुआत में केरल दौरे पर आ सकते हैं. इन दौरों के दौरान सहयोगी दलों के साथ समन्वय और अभियान की दिशा तय की जाएगी.
केरल विधानसभा की 140 सीटों में से भाजपा लगभग 100 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है. उसके प्रमुख सहयोगी भारत धर्म जन सेना (BDJS) को करीब 30 सीटें दिए जाने का प्रस्ताव है, जबकि हाल में गठबंधन में शामिल हुए ट्वेंटी20 समेत अन्य सहयोगियों को लगभग 10 सीटें मिलने की संभावना है. BDJS को SNDP योगम के समर्थन को मजबूत करने के लिए विशेष रियायतें दिए जाने की चर्चा है.
भाजपा कुछ चुनिंदा सीटों पर समाज में पहचान रखने वाले चेहरों, मशहूर हस्तियों और जनप्रिय सार्वजनिक व्यक्तियों को मैदान में उतारने पर भी विचार कर रही है. पार्टी का मानना है कि ऐसे उम्मीदवार शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में अतिरिक्त बढ़त दिला सकते हैं. पार्टी तिरुवनंतपुरम में बड़ी जीत को लेकर आशावादी है.
इसके अलावा कोल्लम, अलाप्पुझा, पथानामथिट्टा, अरनमुला, पूंजर, पाला, कांजीरापल्ली, त्रिपुनिथुरा के शहरी इलाके, एर्नाकुलम जिले के ट्वेंटी20 प्रभाव वाले क्षेत्र, त्रिशूर, कोडुंगल्लूर, पलक्कड़ शहर, शोरानूर, कोझिकोड शहर के हिस्से, थालास्सेरी और मंजेश्वर को प्राथमिक सूची में रखा गया है. पार्टी के आंतरिक सर्वे के अनुसार इन सीटों पर मजबूत वोट बैंक चुनावी सफलता में तब्दील हो सकता है.