संसद में आज से मॉनसून सत्र शुरू हो रहा है, जो अगले 13 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को सदन से पास कराने की कोशिश करेगी. दूसरी ओर विपक्ष विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर सरकार पर हमला बोलने की तैयारी में है. ऐसे में पूरे सत्र के दौरान तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है.
सरकार ने सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक के दौरान सभी पार्टियों से संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलाने में मदद करने की अपील की है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि देश की जनता चाहती है कि संसद बिना बाधा के चले और सभी दल सकारात्मक चर्चा में भाग लें. उन्होंने यह भी कहा कि विरोध के बजाय रचनात्मक बहस लोकतंत्र के लिए अधिक उपयोगी होगी.
संसद सत्र से पहले परिसीमन विधेयक को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं. हाल के दिनों में विभिन्न दलों में हुए राजनीतिक बदलावों के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की संख्या मजबूत हुई है. ऐसे में यह संभावना जताई जा रही है कि सरकार इस विषय पर आगे बढ़ सकती है. हालांकि किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार कोई अतिरिक्त या विवादित विधेयक लाने का फैसला करती है तो पहले उसे बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में रखा जाएगा और विपक्ष को इसकी पूरी जानकारी दी जाएगी.
विपक्ष ने इस सत्र में राम मंदिर दान विवाद, NEET पेपर लीक, दोबारा आयोजित परीक्षा, E20 ईंधन नीति, महंगाई और अन्य जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का फैसला किया है. विपक्ष इन मामलों में सरकार से जवाब मांगने की तैयारी में है. सरकार की ओर से NEET पेपर लीक मामले में उठाए गए कदमों और E20 नीति का बचाव किए जाने की संभावना है. वहीं राम मंदिर दान विवाद की जांच उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष जांच टीम कर रही है. इस मामले में जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपी जा चुकी है और सोमवार को इस पर सुनवाई भी प्रस्तावित है. मॉनसून सत्र के दौरान सरकार और विपक्ष के बीच इन मुद्दों पर तीखी बहस होने की पूरी संभावना है.