menu-icon
India Daily

BJP ने पार्टी कार्यालय में काम करनेवाले चपरासी को दिया टिकट, जीतकर बना पार्षद

गुजरात के मेहसाणा निकाय चुनाव में भाजपा ने अपने कार्यालय में चाय पिलाने वाले रमेश भील को वार्ड 3 से प्रत्याशी बनाया. रमेश ने भारी बहुमत से ऐतिहासिक जीत दर्ज कर साबित किया कि वफादारी और सेवाभाव ही राजनीति की असली कुंजी है.

KanhaiyaaZee
BJP ने पार्टी कार्यालय में काम करनेवाले चपरासी को दिया टिकट, जीतकर बना पार्षद
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: गुजरात के मेहसाणा से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने भारतीय राजनीति की पारंपरिक धारणाओं को पूरी तरह बदल दिया है. अक्सर माना जाता है कि राजनीति केवल रसूखदारों और बड़े चेहरों का ही खेल है, लेकिन 2026 के इन चुनावों में भाजपा ने एक साधारण कार्यकर्ता पर भरोसा जताकर सबको चौंका दिया. मेहसाणा भाजपा कार्यालय में सालों तक चाय-पानी पिलाने वाले रमेश भील को वार्ड नंबर 3 से टिकट दिया गया. उनके पार्षद बनने के इस सफर ने कार्यकर्ताओं में एक नई ऊर्जा और उम्मीद का संचार किया है.

रमेश भील मेहसाणा भाजपा कार्यालय में एक समर्पित सेवक के रूप में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे थे. उन्होंने वहां आने वाले बड़े नेताओं से लेकर आम कार्यकर्ताओं तक की चाय और पानी के जरिए सेवा की. उनकी इसी निस्वार्थ वफादारी और काम के प्रति ईमानदारी को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन्हें चुनावी मैदान में उतारने का साहसिक फैसला लिया. यह टिकट केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं था. बल्कि यह रमेश के बरसों के संघर्ष और पार्टी के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा का एक सम्मान था.

वार्ड नंबर 3 में भारी जनसमर्थन

चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 3 के मतदाताओं ने रमेश भील की सादगी और उनके जमीनी जुड़ाव को खुले दिल से स्वीकार किया. रमेश के पूरे पैनल ने इस क्षेत्र में एकतरफा और भारी बहुमत से विजय प्राप्त की है. मतदाताओं का यह फैसला बताता है कि अब जनता केवल बड़े नामों के पीछे नहीं भागती. बल्कि वह ऐसे प्रतिनिधि को चुनना चाहती है जो उनके सुख-दुख में हमेशा साथ खड़ा रहे. रमेश की जीत ने साबित कर दिया कि जमीनी स्तर पर काम करने वाला एक छोटा कार्यकर्ता भी जनता का विश्वास जीत सकता है.

नवनिर्वाचित पार्षद की भावुक प्रतिक्रिया

ऐतिहासिक जीत के बाद रमेश भील बेहद भावुक और गदगद नजर आए. उन्होंने अपनी जीत का श्रेय पार्टी नेतृत्व और वॉर्ड की जनता को दिया है. रमेश ने गर्व से कहा कि वह पहले भाजपा कार्यालय में एक साधारण सेवक थे और सबको चाय-पानी पिलाते थे. आज पार्षद बनने के बाद भी उनका लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाना है. उनका कहना है कि पार्टी ने उन जैसे एक 'छोटे आदमी' को जो सम्मान दिया है. वह उसके लिए हमेशा ऋणी रहेंगे और अब दोगुने उत्साह से सेवा करेंगे.

सादगी और सेवा का निरंतर संकल्प

पद मिलने के बाद भी रमेश भील के स्वभाव में कोई बदलाव नहीं आया है. उनकी सादगी आज भी मेहसाणा में चर्चा का विषय बनी हुई है. उनका मानना है कि कॉर्पोरेटर बनने के बावजूद उनके पैर जमीन पर ही रहेंगे. उन्होंने संकल्प लिया है कि वे अपनी बस्ती के विकास के लिए दिन-रात काम करेंगे. लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे पार्टी कार्यालय में अपना पुराना काम और सेवाभाव जारी रखेंगे. यह सादगी ही उन्हें अन्य राजनेताओं से अलग और अधिक विश्वसनीय बनाती है.