नई दिल्ली: मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में सरकारी भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है. डीएससी परीक्षाओं में अब सीसीटीवी कैमरे, इंटरनेट शटडाउन और सिग्नल जैमर लगाने पर विचार किया जा रहा है. इस कदम से उम्मीदवारों की सुरक्षा और परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित होगी. जिला प्रशासन ने सभी हितधारकों की भागीदारी में यह निर्णय लिया ताकि भर्ती प्रक्रिया में विश्वास बढ़ सके. बैठक में विधायकों, डीएससी सदस्यों, स्कूल प्रिंसिपल और कानूनी प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. उम्मीदवारों की जानकारी और कट-ऑफ मार्क्स प्रक्रिया के हर चरण की पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया.
ईमेल, एसएमएस और वेबसाइट के माध्यम से सभी अपडेट साझा किए जाएंगे. यह कदम भर्ती प्रक्रिया में उठ रहे सवालों को हल करने और उम्मीदवारों के विश्वास को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.
प्रशासन ने तय किया कि भर्ती प्रक्रिया के बाद कट-ऑफ मार्क्स घोषित किए जाएंगे. इससे सभी उम्मीदवारों को निष्पक्ष मौका मिलेगा. इंटरव्यू के लिए उम्मीदवारों का 1:2 अनुपात में शॉर्टलिस्टिंग जारी रहेगी. उम्मीदवारों को हर चरण की जानकारी ईमेल और एसएमएस के माध्यम से दी जाएगी. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और उम्मीदवारों में विश्वास कायम होगा.
प्रोविजनल और फाइनल उत्तर कुंजी डीएससी की वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी. प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी उम्मीदवारों के मार्क्स भी आधिकारिक जिला वेबसाइट पर सार्वजनिक किए जाएंगे. इस कदम से कोई भी उम्मीदवार निष्पक्षता पर सवाल नहीं उठा सकेगा और भर्ती प्रक्रिया में भरोसा मजबूत होगा.
डीएससी परीक्षाओं के दौरान सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. सिग्नल जैमर और इंटरनेट शटडाउन जैसी तकनीकियों का उपयोग कर परीक्षा की सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई जाएगी. इससे नकल और अन्य अनियमितताओं को रोकने में मदद मिलेगी. प्रशासन ने कहा कि यह कदम परीक्षा की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है.
यह बैठक आर. सिआंगशाई और अधिवक्ता के. कुओ द्वारा भेजे गए पत्र के बाद आयोजित की गई थी. इसमें कट-ऑफ मार्क्स, इंटरव्यू अनुपात और उम्मीदवारों के साथ स्पष्ट संवाद की मांग की गई थी. जिला प्रशासन ने सभी शिकायतों पर कार्रवाई करने और सुधारात्मक उपाय अपनाने का आश्वासन दिया.
जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी तरीके से संचालित होगी. हितधारकों ने निर्णयों को सकारात्मक बताया. सुझाव दिए गए कि भविष्य में ऐसी परामर्श बैठकों का नियमित आयोजन होना चाहिए ताकि प्रक्रिया में निरंतर सुधार संभव हो और उम्मीदवारों का विश्वास लगातार बना रहे.