तृणमूल कांग्रेस यानी TMC में चल रहे संगठनात्मक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित कर दिए हैं. आयोग के फैसले के मुताबिक ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिन्ह दिया गया है. वहीं दूसरे गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'लिफाफा' चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है.
इससे पहले चुनाव आयोग ने TMC के मूल नाम 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' और उसके आरक्षित 'फूल और घास' चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर आगामी उपचुनावों के लिए रोक लगा दी थी. आयोग ने कहा था कि दोनों पक्ष पार्टी के नाम और मूल चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे. यह व्यवस्था विवाद का अंतिम निपटारा होने तक अंतरिम तौर पर लागू रहेगी.
Mamata Banerjee led Trinamool Congress allotted the name 'Mamata All India Trinamool Congress' and the symbol 'Football Player', to be treated as a recognized political party in the States of West Bengal, Meghalaya and Tripura
— ANI (@ANI) September 18, 2026
The group led by Arup Roy is allotted the name… pic.twitter.com/1VECH6MoUK
आयोग के आदेश के अनुसार, ममता बनर्जी की ओर से अधिकृत फॉर्म-बी के तहत दाखिल किए गए नामांकन 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' के उम्मीदवारों के रूप में माने जाएंगे. इन उम्मीदवारों के लिए 'फुटबॉल खिलाड़ी' चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है.
आयोग ने स्पष्ट किया है कि चुनाव चिन्ह का इस्तेमाल लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 36 के तहत तय वैधानिक प्रावधानों के अधीन होगा. नामांकन पत्रों की जांच के दौरान उम्मीदवारों की पात्रता और नामांकन की वैधता संबंधित कानून के अनुसार तय की जाएगी.
अरूप रॉय की ओर से अधिकृत फॉर्म-बी के आधार पर दाखिल नामांकन 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' के उम्मीदवारों के रूप में दर्ज किए जाएंगे. इस गुट के उम्मीदवारों के लिए 'लिफाफा' चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया है.
चुनाव आयोग ने संबंधित रिटर्निंग अफसरों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है. इसमें पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम विधानसभा सीट के साथ असम की नगांव लोकसभा सीट भी शामिल है.
TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर ममता बनर्जी और दूसरे गुट के बीच विवाद चल रहा है. आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश जारी करते हुए कहा था कि दोनों पक्ष खुद को असली TMC बताते हैं और आगामी उपचुनावों से पहले विवाद का अंतिम निपटारा करना संभव नहीं है. इसलिए दोनों पक्षों को अलग नाम और अलग चुनाव चिन्ह के साथ चुनाव लड़ने की व्यवस्था की गई.
फिलहाल यह व्यवस्था संबंधित उपचुनावों के लिए है. TMC के मूल नाम और 'फूल और घास' चुनाव चिन्ह पर अंतिम अधिकार को लेकर चुनाव आयोग की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.