नई दिल्ली: केरल में चुनावी सरगर्मियों के बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का एक बयान राजनीतिक घमासान की वजह बन गया है. इडुक्की में एक जनसभा के दौरान उन्होंने केरल और गुजरात के मतदाताओं की तुलना कर दी, जिसे भाजपा ने गुजरात की अस्मिता पर चोट करार दिया है. इस बयान ने न केवल चुनावी माहौल को गरमाया है, बल्कि कांग्रेस के लिए नई मुश्किलें भी पैदा कर दी हैं. अब खड़गे ने अपनी सफाई पेश करते हुए गुजरात की जनता के प्रति सम्मान प्रकट किया है.
भाषण के दौरान खड़गे ने केरल के लोगों को 'शिक्षित और चतुर' बताते हुए कहा कि उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता. उन्होंने तुलना करते हुए कहा कि मोदी जी गुजरात जैसे क्षेत्रों में लोगों को तो मूर्ख बना सकते हैं, लेकिन केरल में ऐसा संभव नहीं है. इस बयान ने तुरंत सुर्खियां बटोरीं और सोशल मीडिया से लेकर टीवी चैनलों तक बहस छिड़ गई. कांग्रेस नेता का यह हमला सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी के गृह राज्य पर केंद्रित था.
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने खड़गे के बयान को राज्य के गौरव का अपमान बताया. उन्होंने कहा कि यह करोड़ों गुजरातियों और गांधी-पटेल की विरासत की तौहीन है. भाजपा का तर्क है कि गुजरात विकास का पर्याय है, जहां पीएमजेएवाई-एमए जैसी योजनाओं के माध्यम से पिछले 6 वर्षों में 2 लाख से अधिक कैंसर रोगियों को मुफ्त उपचार मिला है. संघवी ने चेतावनी दी कि मतदाता ऐसी अपमानजनक टिप्पणियों को कभी नहीं भूलेंगे.
बढ़ते विवाद के बीच खड़गे ने 'एक्स' पर अपनी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने लिखा कि उनके बयानों को जानबूझकर गलत तरीके से पेश किया जा रहा है. खड़गे ने साफ किया कि उनका इरादा गुजरात के लोगों की भावनाओं को आहत करने का नहीं था, जिनके लिए उनके मन में सर्वोच्च सम्मान है. उन्होंने इस गलतफहमी के लिए खेद भी प्रकट किया. हालांकि, भाजपा ने इस सफाई को कांग्रेस की राजनीतिक हताशा और चुनावी हार का डर बताया है.
Some remarks of mine in a recent election speech in Kerala are being deliberately misinterpreted. Even so, I express my sincere regret. It was never my intention to hurt the sentiments of the people of Gujarat for whom I have always had and will continue to have the highest of…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) April 8, 2026
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप लगाया है. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस उन क्षेत्रों को नीचा दिखाना चाहती है जिन्होंने देश को महान नेतृत्व दिया है. त्रिवेदी ने कहा कि चुनावी लाभ के लिए राज्यों के बीच तुलना करना लोकतंत्र के लिए घातक है. भाजपा का मानना है कि केरल के शिक्षित मतदाता भी ऐसी राजनीति को स्वीकार नहीं करेंगे और मतपेटी के माध्यम से इसका कड़ा जवाब देंगे.