menu-icon
India Daily

‘अगर आज बालासाहेब जिंदा होते मोदी की प्रशंसा करते’: शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना

शिंदे ने ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा, “आपने मुंबई आतंकी हमले, संसद हमले या पुलवामा घटना के लिए कभी पाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया. इसके बजाय, आप भारतीय सेना और प्रधानमंत्री पर सवाल उठाते हैं.''

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
‘अगर आज बालासाहेब जिंदा होते मोदी की प्रशंसा करते’: शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर साधा निशाना

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर तीखा हमला बोला. शिंदे ने ठाकरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “लगातार आलोचना” करने का आरोप लगाया, जिन्होंने “शिवसेना संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के अयोध्या में भव्य राम मंदिर के सपने को साकार किया.”

 बालासाहेब जीवित होते, वे मोदी की तहे दिल से प्रशंसा करते

भंडारा जिले में एक रैली को संबोधित करते हुए शिंदे ने कहा, “आप लगातार मोदी की आलोचना करते हैं, जो वह व्यक्ति हैं जिन्होंने बालासाहेब के राम मंदिर के सपने को पूरा किया. मोदी ने पहलगाम हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के जरिए पाकिस्तान को सबक सिखाया. यदि बालासाहेब जीवित होते, वे मोदी की तहे दिल से प्रशंसा करते लेकिन आप केवल जवाबदेही मांगते हैं- पाकिस्तान से नहीं, बल्कि हमारे बहादुर सैनिकों से.” शिंदे ने तीन साल पहले ठाकरे की महा विकास अघाड़ी सरकार को गिराकर भाजपा के समर्थन से मुख्यमंत्री का पद संभाला था.

पाकिस्तान पर चुप्पी, सेना पर सवाल

शिंदे ने ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा, “आपने मुंबई आतंकी हमले, संसद हमले या पुलवामा घटना के लिए कभी पाकिस्तान को जिम्मेदार नहीं ठहराया. इसके बजाय, आप भारतीय सेना और प्रधानमंत्री पर सवाल उठाते हैं. जनता आपको इसके लिए कभी माफ नहीं करेगी.” उन्होंने आगे कहा, “डॉ. श्रीकांत शिंदे ने संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर ऑपरेशन सिंदूर को विश्व में समझाया, जबकि मुझे एनडीए बैठक में इस पर प्रस्ताव लाने का दायित्व सौंपा गया.”

हिंदुत्व और शिवसैनिकों का अपमान

शिंदे ने ठाकरे पर हिंदुत्व और शिवसैनिकों के आदर्शों को सत्ता के लिए त्यागने का आरोप लगाया. शिंदे ने कहा, “एक शिवसैनिक हिंदुत्व की जलती मशाल है, फिर भी आपने उनका अपमान किया. यही कारण है कि आज कोई आपके साथ गठबंधन नहीं करना चाहता. आप अब राजनीतिक रूप से अकेले हैं.” 

शिवसेना का वैचारिक संघर्ष

शिंदे ने कहा कि एक सच्चा शिवसैनिक देशभक्ति और हिंदुत्व का प्रतीक है, लेकिन ठाकरे ने इन मूल्यों को ठुकराया. “पिछले तीन सालों में आपके कई साथी आपको छोड़ गए. सोचिए, ऐसा क्यों हुआ?” शिंदे ने ठाकरे से सवाल किया.