कोटली: लाल किले के पास हुए ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की हलचल तेज हो गई है. सूत्रों के मुताबिक, बुधवार को कोटली में लश्कर के टॉप नेताओं अब्दुल रऊफ और रिजवान हनीफ ने एक अहम बैठक की. बताया जा रहा है कि बैठक में दोनों आतंकियों का फूलों से स्वागत किया गया और आतंकी नेटवर्क को फिर से एक्टिव करने की स्ट्रैटजी पर चर्चा हुई.
जानकारी के अनुसार, रिजवान हनीफ लश्कर-ए-तैयबा के PoK यूनिट का डेप्युटी अमीर है और लश्कर व जैश-ए-मोहम्मद के बीच मुख्य कड़ी के रूप में काम करता है. वह हिलाल-उल-हक ब्रिगेड नाम की एक संयुक्त कॉम्बैट यूनिट की कमान संभालता है. यह ब्रिगेड लश्कर और जैश का साझा गठजोड़ है, जो पीपल एंटी-फेस्सिट फ्रंट (PAFF) के नाम से एक्टिव बताई जाती है.
खुफिया सूत्रों का कहना है कि हालिया दिल्ली विस्फोट के बाद यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. माना जा रहा है कि इसमें आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने और भारत के अंदर स्लीपर सेल्स को सक्रिय करने पर चर्चा की गई.
सूत्रों ने यह भी खुलासा किया है कि पहलगाम आतंकी हमले में शामिल आतंकी हबीब ताहिर, रिजवान हनीफ के कॉन्टैक्ट में था. इस कड़ी से यह साफ होता है कि PoK में बैठे आतंकी अब भी घाटी और भारत के अन्य हिस्सों में एक्टिव मॉड्यूल से लगातार कॉन्टैक्ट बनाए हुए हैं. सुरक्षा एजेंसियां अब इस बैठक के एजेंडे और इसमें मौजूद अन्य आतंकियों की पहचान की जांच कर रही हैं.
दिल्ली में हुए ब्लास्ट को लेकर जांच की जा रही है और इसमें कई खुलासे भी हो रहे हैं. जांच एजेंसियों को धीरे-धीरे इस मामले में कई नए तथ्य मिले हैं. इस हमले में मौजूद डॉक्टर उमर नबी की पूरे हिस्ट्री को खंगाला जा रहा है. इस जांच के तहत एक रहस्यमयी हैंडलर का लिंक सामने आया है, जिसका नाम UKasa बताया जा रहा है.
ऐसा कहा जा रहा है कि डॉक्टर उमर का हर एक्शन कमांड पर आधारित था. सूत्रों के अनुसार, UKasa शायद एक कोडनेम हो सकता है. इसीक लोकेशन अंकारा बताई जा रही है, जो तुर्की की राजधानी है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने बताया कि आतंकी और हैंडलर्स के बीच संदिग्ध Session App के जरिए होती थी.