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India Daily

'अगर मेरे पापा को खरोच आया तो...', लालू यादव से ED पूछताछ के बीच रोहिणी आचार्य का पोस्ट

आरजेडी सुप्रीमो और बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव कथित लैंड फॉर जॉब घोटाले मामले में ईडी कार्यालय में पेश होने वाले हैं. लालू प्रसाद ED पटना कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश होंगे.

Avinash Kumar Singh
'अगर मेरे पापा को खरोच आया तो...', लालू यादव से ED पूछताछ के बीच रोहिणी आचार्य का पोस्ट

हाइलाइट्स

  • लैंड फॉर जॉब मामले में ED के सामने पेश हुए लालू यादव
  • राजद ने केंद्र सरकार पर बोला करारा हमला

नई दिल्ली: आरजेडी सुप्रीमो और बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव कथित लैंड फॉर जॉब घोटाले मामले में ईडी कार्यालय में पेश होने वाले हैं. लालू प्रसाद ED पटना कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश होंगे. बीते 19 जनवरी को लालू प्रसाद और उनके बेटे तेजस्वी यादव को पटना कार्यालय में पूछताछ के लिए पेश होने को लेकर समन जारी किया गया था. लालू प्रसाद को जहां 29 जनवरी को पेश होना है, वहीं तेजस्वी यादव को पूछताछ के लिए 30 जनवरी को बुलाया गया है.

'ED नहीं बीजेपी का समन'

इसी बीच राजद ने केंद्र सरकार पर सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर अपने प्रतिद्वंद्वियों को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने का आरोप लगाया है. राजद सांसद मनोज झा ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि यह ईडी का समन नहीं है, बल्कि बीजेपी का समन है. यह 2024 तक चलेगा, तब तक कृपया इसे ईडी का समन न कहें. हमें क्यों डरना चाहिए? 

"लालू यादव भ्रष्ट"

वहीं बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा "देश की जनता जानती है कि लालू यादव भ्रष्ट लोग हैं. भ्रष्टाचार उनके लिए गहना है. मैं तेजस्वी यादव से आग्रह करना चाहता हूं कि वे बिहार के युवाओं को डेढ़ साल के भीतर करोड़पति बनने की प्रणाली बताएं."  

'अगर मेरे पापा को खरोच आया तो...'

लैंड फॉर जॉब घोटाले मामले में लालू प्रसाद यादव से ED की पूछताछ को लेकर रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट पर लिखा "आका. सब को पता है पापा की हालात ,बिना सहारे चल नहीं सकते फिर भी बिना उनके सहायक के गेट के अंदर घुसा लिया. request करने के बाद भी नहीं जाने दिया मिसा दी या उनके एक सहायक को..pls आप लोग मेरी मदद करें. अगर मेरे पापा को खरोच आया तो मेरे से बुरा कोई नहीं होगा mark my words" 

जानें क्या है पुरा मामला? 

यह कथित घोटाला तब हुआ जब लालू यादव 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे. लालू प्रसाद यादव पर आरोप है कि उन्होंने पद पर रहते हुए लोगों को रेलवे के अलग-अलग डिविजन में जमीन ट्रांसफर करने के बदले नौकरी दिलाई थी. सीबीआई ने नौकरी के बदले जमीन घोटाले में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्रियों लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, उनकी बेटी मीसा भारती और 13 अन्य के खिलाफ पिछले साल अक्टूबर में आरोप पत्र दायर किया था. सीबीआई के आरोप पत्र के अनुसार लोगों को पहले रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर सब्स्टीट्यूट के तौर पर भर्ती किया गया और जब उनके परिवार ने जमीन का सौदा किया, तब उन्हें रेगुलर कर दिया गया. रेलवे में नौकरी के बदले रिश्वत लेकर जमीन लेने के आरोप की जांच सीबीआई कर रही है. वहीं ईडी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है.